फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सबको रूला गया शमीम: सहरी खाकर कमरे में सोने गया था युवक, सुबह मां जगाने गई तो फंदे से लटका मिला उसका शव

Sun, 02 Apr 2023 09:20 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती

सार

मृतक की मां ने बंद दरवाजे पर कई बार आवाज दीं, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। अनहोनी की आशंका में उन्होंने धक्का दिया तो दरवाजा खुल गया। बेटे का शव कुंडे से लटका देख वह चीखने लगीं।
विज्ञापन
शमीम का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बस्ती जिले के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र ग्राम पंचायत मुस्तफाबाद के राजस्व पुरवा बिछियागंज के एक युवक का अपने घर के कमरे में लटका हुआ शव मिला है। छत के कुंडे से रुमाल के सहारे युवक ने फांसी लगाई है। युवक डिप्लोमा इन लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी का छात्र था। इन दिनों वह मेडिकल कॉलेज में अप्रेटिंस कर रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

विज्ञापन


थाना क्षेत्र वाल्टरगंज के बिछियागंज गांव निवासी 25 वर्षीय मो. शमीम शनिवार की सुबह चार बजे सहरी खाकर अपने कमरे में सोने चले गए। सुबह के 8.30 बजे तक नहीं जागने पर उनकी मां सैहरुनिशां जगाने पहुंची। बंद दरवाजे पर कई बार आवाज दीं, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। अनहोनी की आशंका में उन्होंने धक्का दिया तो दरवाजा खुल गया। बेटे का शव कुंडे से लटका देख वह चीखने लगीं। परिवार के अन्य सदस्य कमरे की ओर दौड़ पड़े। शमीम का शव नीचे उतारकर पुलिस को सूचना दी गई।

थानाध्यक्ष वाल्टरगंज नारायण लाल श्रीवास्तव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर मौत का वास्तविक कारण पता चल सकेगा। फिलहाल इस मामले में अभी कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं किया गया है।
विज्ञापन


परिजनों के मुताबिक, शमीम घर में सबसे छोटा था। शमीम का एक भाई अबू कैश बंगलौर में मेहनत मजदूरी करता है। दूसरा भाई शबू कैश घर पर रहकर खेती का काम देखता है। पिता गोरखपुर के सहजनवां तहसील में अमीन हैं।

बेहद शांत स्वभाव का था शमीम
शमीम के मौत की सूचना पर पहुंचे मेडिकल कॉलेज के सहयोगी कर्मियों ने बताया कि शमीम बेहद शांत स्वभाव का था। दो माह पहले वे यहां ज्वाइन किए थे, मगर उनकी दोस्ती भी कम लोगों से ही थी। बताया कि वह अपने काम से काम ही रखते थे। वह मन की बात भी किसी ने नहीं करते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें