सीएचसी में सुविधाओं का अभाव, जांच के लिए भटक रहे मरीज
एक्सरे मशीन न होने से बढ़ी परेशानी, प्राइवेट में करानी पड़ रही जांच
प्राइवेट में दो से तीन गुना देना पड़ रहा शुल्क
डिजिटल एक्स रे का सरकारी रेट 150 तो मैनुअल का 50 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरपुर (बस्ती)। सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएचसी को उच्चीकृत कर सीएचसी में तब्दील तो कर दिया गया। लेकिन मरीजों को एक्सरे से लेकर अन्य जांच के लिए अब भी भटकना पड़ रहा है। रामजानकी मार्ग कलवारी में स्थित सीएचसी बहादुरपुर में एक्सरे मशीन न होने से मरीजों को निजी एक्सरे संचालकों के यहां दो से तीन गुना खर्च करना पड़ रहा है।
कलवारी कुसौरा में स्थित एक्सरे मशीन वाले मैनुअल का दो से ढाई सौ तो डिजिटल का तीन सौ से चार सौ रुपये तक ले रहे हैं। यदि एक्सरे मशीन होती तो मरीजों को मैनुअल का पचास तथा डिजिटल एक्सरे डेढ़ सौ रुपये में ही हो जाता। मरीज राम गोपाल, सुदामा ने बताया कि जब भी एक्सरे व खून जांच की स्थिति आती है तो बाहर ही कराना पड़ता है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि सभी सीएचसी पर डार्करूम सहायक पोस्ट कर दिए गए हैं। बहादुरपुर, कुदरहा के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। जैसे ही मशीन मिलेगी मरीजों को सुविधाएं मिलने लगेंगी।
खून, पेशाब जांच भी निजी पैथोलाजी के भरोसे
सीएचसी बहादुरपुर में आवश्यक उपकरण न होने के कारण खून, पेशाब के लिए बनाया गया लैब पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रहा है। कुछ सामान्य जांच ही हो पाते है के लिए क्षेत्र के कलवारी, कुसौरा में संचालित हो निजी पैथोलाजी के भरोसे ही चल रहा है।
डेंटल हाइजेनिस्ट के नहीं आने से परेशानी
सीएचसी बहादुरपुर में डेंटल हाइजेनिस्ट पोस्ट तो है। लेकिन उनके न आने के कारण मरीजों को समस्याओं को सामना करना पड़ रहा है। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में मैन पावर का संचालन अब भी पीएचसी बहादुरपुर से हो रहा है। रामजानकी मार्ग कलवारी में स्थित सीएचसी पर ओपीडी संचालन के लिए डॉ. विनोद हैं। बाकी सेवाएं बहादुरपुर पीएचसी से संचालित हो रही हैं।