बस्ती। अपहरण कर जानलेवा हमला किए जाने के मामले में घायल विद्यालय प्रबंधक जगदंबा प्रसाद चतुर्वेदी ने लखनऊ से इलाज के बाद घर लौटते ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना के पखवाड़ा बाद भी एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ है जबकि सभी नामजद खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने दोबारा बयान दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
प्रबंधक ने बताया कि 23 जुलाई की रात वह अपने अधिवक्ता से परामर्श लेकर चालक अजय यादव के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। हरदिया-वॉल्टरगंज मार्ग पर राजा बगिया के पास काले रंग की एक चार पहिया वाहन सवारों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोप है कि वाहन से उतरे चार लोगों ने उनकी कनपटी पर असलहा सटा दिया और उन्हें हॉकी से मारते-पीटते हुए गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद रास्ते भर मारपीट की गई और नगर थाना क्षेत्र के नचना गांव के पास मरणासन्न हालत में सड़क किनारे फेंक दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद उनके बेटे चंद्रमौलि की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ अपहरण और जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज कराई लेकिन घटना स्थल कोतवाली क्षेत्र में होने के कारण वॉल्टरगंज पुलिस ने मामला स्थानांतरित कर दिया। उनका कहना है कि अभी तक किसी भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है जबकि सभी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। घटना के बाद उनके भतीजे को भी धमकी मिली है। इसे लेकर पूरा परिवार दहशत में है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना रहेगा।
प्रबंधक की सुरक्षा के लिए पुलिस उनके घर पर तैनात है। चार आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं और जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है।
- सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, सीओ सिटी