सल्टौआ। तीन महीने से मानदेय बकाया समेत 10 सूत्री मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। सल्टौआ पीएचसी पर धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगीं। दोपहर करीब दो बजे सीएमओ डॉ. राजीव निगम मौके पर पहुंचे। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को एक सप्ताह में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद आशा कार्यकर्ता काम पर लौट गईं।
उधर, आशा कार्यकर्ताओं के धरने के दौरान ओपीडी भी बंद रही। सीएमओ को 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संगठन के जिला संरक्षक फूलचंद चौधरी ने कहा कि तीन महीने से मानदेय नहीं मिलने आशा कार्यकर्ताओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि टीबी डॉट्स प्रोवाइडर का भुगतान अप्रैल 2024 से लंबित है। पल्स पोलियो, फाइलेरिया अभियान का भुगतान नहीं किया गया है।
इस दौरान सुषमा चौधरी, विद्यावती, बीनू, अनिता, रीता देवी, पूनम चौधरी, कृष्णावती, ज्ञानमती, रजनी देवी, वेदमती, नीलम सिंह व अन्य मौजूद रहीं।