बस्ती। शहर की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्तर 160 दर्ज किया गया। विशेषज्ञ इस आंकड़े को सेहत के लिए हानिकारक मान रहे हैं। सहालग के चलते सड़कों पर गाड़ियों का रेला लगा है।
इससे धूल तो उड़ ही रही है, चौराहों पर जब एक साथ गाड़ियां रुक रहीं हैं तो धुएं से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। शादियों में पटाखाें से भी जहरीला धुआं उठ रहा है। साथ ही कानफोड़ू डीजे पर भी लगाम नहीं दिख रहा है।
सोमवार को सुबह नौ बजे एक्यूआई 162 और शाम को 115 दर्ज किया गया। वातावरण में नमी 75 प्रतिशत नमी रही। इसकी वजह से गाड़ियों के धुएं से निकले हानिकारक गैस वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो मौसम में नमी और हवा कम चलने की वजह से वाहनों के धुएं से निकलने वाले हानिकारक गैस वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। धुंध की सतह बन जा रही है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि सुबह नमी होने के चलते प्रदूषण का स्तर अधिक रह रहा है। ऐसे मौसम में मास्क पहनकर ही बाहर निकलना बेहतर रहेगा।
असल में बैंड, बाजा और बरात का सीजन शुरू होते ही धूम-धड़ाका शुरू हो गया। सुप्रीम कोर्ट से नेशनल ग्रीन टिब्यूनल और प्रदेश सरकार प्रदूषण पर काबू करने के लिए भले ही परेशान हो, लेकिन लोग गंभीर होने को तैयार नहीं हैं।
हवा की खराब होती गुणवत्ता खराब होती जा रही है। दो लाख आबादी वाले शहर की एक्यूआई खतरनाक स्तर को पार कर चुकी है।
बरात में जमकर हो रही आतिशबाजी, हवा को बना रही जहरीली : सहालग चल रहा है। ऐसे में शादियों में खूब आतिशबाजी हो रही है। द्वार पूजा के समय गाजे-बाजे पर जमकर थिरकने के साथ आतिशबाजी होती है। आतिशबाजी करने वाले अब्दुल अंसारी ने बताया कि पार्टी आठ से दस हजार रुपये से कम की बुकिंग नहीं कराती है।
नमी कम होने तक एक्यूआई रहेगा खराब : आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र बताते हैं कि वातावरण में नमी बढ़ गई है। जिससे जनवरी भर हवा की गुणवत्ता खराब रहने की संभावना है। वातावरण में नमी कम होने के बाद ही एक्यूआई में सुधार होगा।