- जिला अस्पताल में 50 प्रतिशत से अधिक मरीज पहुंच रहे इससेे पीड़ित
बस्ती। ठंड और शीतलहर की वजह से गठिया के साथ ही सर्वाइकल के मरीज बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल के अस्थि रोग विभाग में आने वाले मरीजों में ज्यादातर मरीज गठिया, सर्वाइकल और कमर दर्द की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में अधिक संख्या महिलाओं और बुजुर्गों की है। चिकित्सक मरीजों को दवा देने के साथ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के आर्थो विभाग के मुताबिक इलाज के लिए आने वाले मरीजों में 50 प्रतिशत से अधिक संख्या गठिया, सर्वाइकल और कमर दर्द की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। अस्थि रोग विभाग में बृहस्पतिवार को इलाज के लिए 80 से अधिक मरीज पहुंचे। इनमें 35 से 40 मरीज गठिया और जोड़ों में दर्द की पीड़ा लेकर पहुंचे थे।
जिला अस्पताल के आर्थो सर्जन डॉ. अजीत कुमार भारतीय के मुताबिक गठिया की वजह से सर्दी के मौसम में जोड़ों में सूजन आ जाती है। इसके चलते मरीजों को असहनीय दर्द होता है। इस दर्द का असर सेहत पर भी धीरे-धीरे दिखने लगता है। गठिया के कारण जोड़ों में मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे कम होने लगती है, इस वजह से हड्डियां आपस में एक-दूसरे से घिसने या रगड़ने लगती हैं।
इसके अलावा सर्दी बढ़ने पर शरीर में सूजन भी होने लगता है। आजकल युवाओं में समस्या देखने का मिल रही है। ठंड में नसों के सिकुड़ने से सर्वाइकल के मरीजों की भी दिक्कतें बढ़ रही है। ऐसे में ठंड के मौसम में इस रोग से पीड़ित मरीजों को परहेज करने की जरूरत है। इसके लिए आवश्यक है कि गर्म कपड़े पहने और ठंडे के बजाय गुनगुने पानी से स्नान करें। इन दिनों 50 प्रतिशत मरीज गठिया और सर्वाइकल की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं।
- बचाव के उपाय
शरीर ढक कर रखें।
नियमित योग व व्यायाम करें।
तरल पदार्थ का सेवन करते रहें।
संतुलित और पोषणयुक्त भोजन करें।
गुनगुना पानी पीएं।
जुता, चप्पल पहन कर रहें।
दर्द होने पर गुनगुना पानी से सिकाई करें।
दर्द बढ़ने पर चिकित्सक से सलाह लें।