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अपराजिता: महिलाओं की चुप्पी से बढता है शोहदों का मनोबल--

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महिलाओं को अपराजिता की शपथ दिलाती वार्डेन कौशल्या देवी - फोटो : BASTI
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से लगी पुलिस की पाठशाला
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। छात्राओं, महिलाओं की चुप्पी से ओछी हरकत करने वालों का मनोबल बढ़ता है। किसी के भी गलत व्यवहार का अपराजिता बनकर तत्काल विरोध जताना चाहिए। पुलिस आपकी मदद के लिए सदैव तत्पर है।
ये बातें अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में सीओ रुधौली शिव प्रताप सिंह ने कहीं। बृहस्पतिवार को कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय रामनगर में अपराजिता अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में सीओ ने महिलाओं और बच्चियों को महिला हेल्पलाइन 1090 तथा डायल 100 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि एसडीएम राजेश सिंह ने कहा कि महिलाओं को सशक्त और अपराजिता बनने के लिए शिक्षित होने के साथ अपने अधिकारों के प्रति भी जागरूक होना होगा। तभी वह अपने परिवार और समाज का हित कर सकती हैं। बीडीओ रामनगर हरिश्चंद्र ने महिलाओं को सशक्त और अपराजिता बनने के लिए स्वावलंबी होने की बात कही। साथ ही विकास विभाग की ओर से संचालित एनआरएलएम योजना के तहत गांवों में स्वयं सहायता समूह गठित कर खुद की उन्नति की अपील की। सीडीपीओ दिलीप वर्मा ने कहा कि एक बार विवेकानंद ने कहा था कि 500 पुरुषों को जागरूक करने से बेहतर है 50 महिलाओं को जागरूक किया जाए जिससे उनके पूरे परिवार का विकास हो सके।
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कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के बाद आयशा, आफरीन और सुदंरी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुआ। इस मौके पर तहसीलदार नवीन प्रसाद, सीएचसी अधीक्षक डॉ. विवेक विश्वास, चौकी इंचार्ज असनहरा योगेश सिंह ने भी संबोधित किया। विद्यालय की वार्डेन कौशल्या देवी ने सभी को नारी गरिमा अक्षुण्ण रखने की शपथ दिलाई। इसके बाद महिलाओं ने अधिकारियों के नेतृत्व में रैली निकाली। इस मौके पर 101 महिलाओं ने शपथ पत्र भी भरे। कार्यक्रम में उमेश कुमार, अशोक कुमार, दिलीप कुमार, प्रेमावती, प्रभावती देवी, चंद्रावती आदि बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए : कौशिल्या
कौशल्या देवी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से महिलाओं में निश्चित तौर पर जागरूकता आएगी। यह सच है कि ऐसी जानकारी किताबों से नहीं मिलती जितनी जागरूकता कार्यक्रमों से मिलती है। ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर होते रहना चाहिए।
कार्यक्रम में मिली विशेष जानकारी: रेखा
रेखा मिश्रा ने कहा कि वूमेन पावर लाइन 1090 से महिलाओं परिचित नहीं थीं। अब तक वे यह सोचती थीं कि कौन पुलिस के पचड़े में पड़े, लेकिन 1090 की हेल्प लेने वालों का नाम गोपनीय रखा जाता है। इस जानकारी से उनका हौसला बढ़ा है। अब महिलाएं निसंकोच पुलिस की मदद ले सकेंगी।
सराहनीय है मुहिम : मिथिलेश
मिथिलेश चौरसिया ने कहा कि वह पहली बार ऐसे किसी कार्यक्रम में शामिल हुई हैं। महिलाओं में जागरूकता और सशक्तिकरण के लिए इस तरह के कार्यक्रमों की जितनी सराहना की जाए, वह कम ही होगी। निश्चित ही इससे महिलाओं में जागरूकता आएगी।
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पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा : विभा
वूमेन पावर लाइन 1090 से संकोची महिलाओं को निश्चित लाभ मिलेगा। उनमें पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा। वे बेझिझक अपनी बात कह सकती हैं। यह कहना था विभा कौशल का। ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीण महिलाओं का भय दूर होगा और वे अपने हक के लिए आवाज उठा सकेंगी।
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