संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपार रजिस्ट्रेशन कर उनकी आईडी जनरेट की सुस्त चाल को देखते हुए माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन बाधित कर दिया गया है। माध्यमिक में अब तक महज 60 फीसदी आईडी ही जारी हो पाई है। ऐसे में डीआईओएस जगदीश प्रसाद शुक्ल ने राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों के अध्यापकों का वेतन बाधित किया है।
वन नेशन, वन स्टूडेंट के तहत हर बच्चे की जानकारी यू-डायस पर दर्ज की जानी है। अपार आईडी 12 अंकों की पहचान प्रणाली है। आईडी बनाने के दौरान शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत एसआर रजिस्टर के अनुसार छात्र-छात्राओं का डाटा आधार कार्ड से मैच न करना है। उनके नाम, पिता, माता व जन्मतिथि में आदि में भिन्नता पाई जा रही है।
शिक्षकों का कहना है कि आईडी बनाने से पहले प्रत्येक विद्यालयों में शिविर लगाकर आधार कार्ड संशोधन कराए जाएं, तभी शत-प्रतिशत अपार आईडी का कार्य संभव हो पाएगा। डीआईओएस ने बताया कि राजकीय विद्यालय में 80 फीसदी, सहायता प्राप्त स्कूलों में 60 से 65 और वित्तविहीन स्कूलों में 40 फीसदी बच्चों की आईडी बन सकी है। राजकीय और एडेड स्कूलों में वेतन भी बाधित किया गया है। सभी प्रधानाचार्यों को प्राथमिकता के आधार पर इसे पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।ि