बस्ती। होली में तली-भुनी चीजें अधिक खाने और नशा के सेवन से बिगड़े स्वास्थ्य स परेशान मरीजों की अस्पताल में भरमार रही। होली की दिन दोपहर के बाद से रात के 12 बजे तक जिला अस्पताल के इमरजेंसी में 63 मरीज इलाज के लिए पहुंचे।
वहीं, होली के दूसरे दिन शनिवार को दोपहर तक पेटदर्द, उल्टी और दुर्घटनाओं के शिकार 40 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया। इस दौरान अस्पताल की हाफ टाइम की ओपीडी भी 500 के पार पहुंच गई।
होली का रंग सिर चढ़कर बोला। घरों में तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए। लोगों ने इनका जमकर आनंद लिया। तले-भुने व्यंजन का अधिक इस्तेमाल करने से कइयों के पेट बिगड़ गए। बीपी-शूगर वाले मरीजों ने भी अपने स्वास्थ्य को परवाह किए बिना व्यंजनों का आनंद लिया।
मिठाई भी खाई, जिसकी वजह से जिला अस्पताल के इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई। बहुत से लोग नशे के सेवन और दुर्घटनाओं का शिकार होकर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। ऐसे मरीजों की संख्या 100 से ज्यादा रही।
होली में जिला अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी में ड्यूटी दे रहे डाॅ. अरशद, डाॅ. सरफराज, डाॅ. अनवर अली, डाॅ. मो जमा समेत अन्य चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार किया। इमरजेंसी सेवा देने के बाद मरीजों को मेडिसिन विभाग ऑर्थो समेत अन्य विभागों में भेजा गया। चिकित्सकों के मुताबिक ज्यादातर मरीज इमरजेंसी इलाज के बाद कुछ घंटों में स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी लेते रहे। गंभीर मरीजों विभागों में भर्ती किया गया।