अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायालय के गेट पर किया प्रदर्शन
कलक्ट्रेट में भूख हड़ताल पर बैठे दो वरिष्ठ अधिवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सिविल बार और दी यंग बार एसोसिएशन के वकीलों ने बृहस्पतिवार को अधिवक्ता अधिनियम 1961 में प्रस्तावित संशोधन का विरोध जताते हुए कलम बंद हड़ताल किया और न्यायालय परिसर से डीएम कार्यालय तक मार्च कर नारेबाजी की। उधर, कलक्ट्रेट में वरिष्ठ अधिवक्ता राघवशरण पांडेय व दीनानाथ चतुर्वेदी भूख हड़ताल पर बैठ गए। अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर जमकर नारेबाजी की।
''काला कानून वापस लो'' जैसे नारे लगाते हुए अधिवक्ताओं ने विरोध जताया। सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने बताया कि यह निर्णय संयुक्त बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की ओर से लिया गया है। कहा कि प्रस्तावित संशोधन अधिवक्ता समाज की स्वतंत्रता का हनन है। यह संशोधन अधिवक्ताओं की आवाज दबाने का पूरा प्रयास है।
जनपद बार के महामंत्री शेषनाथ पाठक ने कहा कि प्रस्तावित बिल में अधिवक्ताओं के सम्मान के विरुद्ध प्रावधान किए गए हैं। इससे देशभर के अधिवक्ताओं में आक्रोश है। इसी कारण सर्वसम्मति से कलम बंद हड़ताल का निर्णय लिया गया है। इस मौके पर अजय पांडेय, पुजारी मिश्र, मारूफ खान, कुमार ऋषभ श्रीवास्तव, प्रशांत भारती, अरविंद नारायण पांडेय, विजय शर्मा, रमापति पांडेय, कौशलेंद्र पाल, राजेश शुक्ला व शिवाकांत तिवारी समेत बड़ी संख्या में वकील मौजूद रहे।