बस्ती। जेके हॉस्पिटल प्रकरण हाई प्रोफाइल बनता जा रहा है। सीएमओ की सिफारिश पर अब मजिस्ट्रेट की निगरानी में जांच की जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त उपजिलाधिकारी हृदय नाथ तिवारी नामित किए गए हैं। इसीलिए विभागीय टीम की जांच दो दिनों से ठप चल रही है।
मजिस्ट्रेट की निगरानी जांच की प्रक्रिया एक दो दिन में आगे बढ़ जाएगी। पहले विभागीय टीम ने जांच शुरू की थी लेकिन शिकायत कर्ता और विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों ने जांच टीम पर पक्षपात का आरोप लगा दिया था। इसके बाद सीएमओ ने टीम में एक अन्य बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह को शामिल कर दोबारा जांच कराई। अस्पताल के पीआईसीयू, एनआईसीयू और जनरल वार्ड सील करा दिया गया था। इसके बाद सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने जांच टीम में मजिस्ट्रेट को शामिल करने की सिफारिश डीएम से की थी। डीएम के निर्देश पर अतिरिक्त उप जिलाधिकारी हृदय नाथ तिवारी को जांच के लिए नामित किया गया। अब मजिस्ट्रेट की निगरानी में संबंधित अस्पताल की जांच की जाएगी। 25 मई को सोनहा थाना क्षेत्र के कंचनपुर चौराहा निवासी राधेश्याम ने अपने डेढ़ साल के बेटे के इलाज में अस्पताल के संचालक/ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके गौड़ पर लापरवाही बरतने एवं बीमारी छिपाने का आरोप लगाया था।
इसी के बाद से यह मामला तूल पकड़ लिया। विभागीय जांच में तमाम अनियमितताएं भी सामने आ चुकी है। इसकी वजह से जांच टीम को अस्पताल के कुछ वार्ड सील करने पड़े। इस अस्पताल का नवीनीकरण अभी लटका है।
जांच अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर मजिस्ट्रेट नामित हैं। उनके समक्ष अब तक की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसके आगे कार्रवाई की जाएगी।