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आचार्य शुक्ल ने दी हिंदी को विश्व पटल पर पहचान

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पुण्यतिथि पर याद किए गए आचार्य रामचंद्र शुक्ल
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बस्ती। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी को विश्व पटल पर पहचान दिलाई। युवा उनसे प्रेरणा लेकर हिंदी भाषा को नई ऊंचाई देने का प्रयास करें। बुधवार को आचार्य रामचंद्र शुक्ल की पुण्यतिथि पर सोशल क्लब की ओर से बड़ेवन स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
बड़ेवन में आचार्य रामचंद्र शुक्ल की प्रतिमा पर एकत्र क्लब के सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर क्लब के मंडल अध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने उनके सामाजिक व साहित्यिक योगदान की चर्चा की। इस मौके पर क्लब संस्थापक उमेश श्रीवास्तव और दीपक गौड़ ने कहा कि अगौना गांव में जन्मे आचार्य शुक्ल हिंदी साहित्य के उज्ज्वल नक्षत्र हैं। वे सदैव याद किए जाएंगे। कहा कि आचार्य शुक्ल की इस धरा में पैदा होना जिले के लिए गौरव की बात है। विश्व हिंदी साहित्य में आलोचना सम्राट के रूप में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकेगा।
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इस मौके पर क्लब के मनीष भट्ट, नीरज यादव, ऋषभ पांडेय, गौरव गुप्ता, आलोक श्रीवास्तव वीरू, राहुल पटेल, रमेश गुप्ता, आशीष श्रीवास्तव, बीरू चौधरी, शिवकुमार, अरविंद, राहुल सिंह, सौरभ, दिलीप कुमार यादव, नितराम यादव आदि मौजूद रहे।
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