बस्ती। ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे यूजी बांड के चिकित्सकों पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कस दिया है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने अनुपस्थित दिनों के मानदेय में कटौती का निर्देश दिया है। ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी तैयारी है। उनकी गैरहाजिरी से जिले के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शासन ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले चिकित्सकों से दो साल तक सरकारी अस्पतालों में अनिवार्य सेवा देने के लिए बांड भरवाया है। इसके तहत जिले में बांडधारी 25 एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती की गई है। इन्हें जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया गया है।
इधर पता चला है कि यूजी बांड के अधिकतर चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। ये चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल भी कर रहे हैं। विभाग के अनुसार, हड़ताल से पहले भी इनकी उपस्थिति संतोषजनक नहीं थी।
चिकित्सकों के ड्यूटी पर नहीं आने से कई पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय स्तर से भी सीएमओ कार्यालय को चिकित्सकों की अनुपस्थिति की शिकायतें मिल रही हैं।
सीएमओ ने सभी सीएचसी और पीएचसी के अधीक्षकों को यूजी बांड चिकित्सकों की गैरहाजिरी वाले दिनों का मानदेय काटने के बाद ही भुगतान संबंधी बिल सीएमओ कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।