यूक्रेन से घर लौटे एमबीबीएस के छात्र अभिषेक
रुधौली (बस्ती)। रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग के बीच सुरक्षित घर लौटे एमबीबीएस के छात्र अभिषेक सिंह ने कहा कि यूक्रेन में तबाही का जो मंजर दिखा, वह जीवन भर याद रहेगा। रुधौली तहसील क्षेत्र के केशवापुर गांव के निवासी अभिषेक बृहस्पतिवार सुबह घर पहुंचे तो परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
अभिषेक के पिता श्याम बदन सिंह पेशे से व्यवसायी हैं। मां अनीता सिंह प्राथमिक विद्यालय गोठवा द्वितीय में सहायक अध्यापिका हैं। जबकि बड़े भाई विवेक सिंह बीटीसी के छात्र हैं। अभिषेक सिंह सितंबर 2020 में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन चले गए और युवानोफ्रांक्विस सिटी के युवानोफ्रांक्विस नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। बताया कि भारतीय दूतावास की ओर से कई दिनों से एडवाइजरी जारी की जा रही थी लेकिन, 22 फरवरी को दूतावास की ओर से हर हाल में यूक्रेन छोड़ देने की एडवाइजरी जारी हुई। एडवाइजरी जारी होने के साथ ही निकलने की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन, जब उन्हें पता चला कि रूस ने एक-एक कर यूक्रेन के सारे एयरपोर्ट को उड़ा दिया तो उन्हें लौटने की आस खत्म होती दिखी। इसी बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर उन्हें बताया गया कि 26 तारीख सुबह नौ बजे यूनिवर्सिटी व एजेंट के माध्यम से उन्हें तिरंगा लगे एक बस द्वारा युवानोफ्रांक्विस सिटी से पांच सौ किमी दूर स्थित रोमानिया बॉर्डर पर ले जाया जाएगा जहां रोमानिया में प्रवेश करने के बाद टाटा इंडियन एयरलाइंस के माध्यम से उन्हें स्वदेश लाया जाएगा।
26 की रात आठ बजे वे बस के माध्यम से रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे जहां से पहले से खड़े लगभग हजारों छात्रों के बाद उन्हें 27 फरवरी की सुबह पांच बजे बॉर्डर के अंदर प्रवेश मिला और फिर वहां से देर शाम छह सौ किमी दूर रोमानिया की राजधानी बुचारेस्ट स्थित शेल्टर हाउस में शिफ्ट किया गया। 28 फरवरी व एक मार्च उन्हें वहीं रहना पड़ा जहां से दो मार्च को दोपहर लगभग 12 बजे उन्हें दिल्ली लाया गया, उन्हें यूपी भवन लाया गया और और फिर बुधवार को वहां से शाम 5.30 बजे सरकारी वाहन के माध्यम से उन्हें उनके घर के लिए रवाना किया गया। अभिषेक सिंह के पिता श्याम बदन सिंह अपने बेटे को सही सलामत देखा तो उनके आंसू छलक पड़े। उन्होंने लपककर बेटे को गले लगाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद
घर सुरक्षित लौटने वाले अभिषेक ने बताया कि जब रूस की सेना ने कार्रवाई करते हुए यूक्रेन के सभी एयरपोर्ट ओ को नष्ट कर दिया तो उन्हें घर लौटने की आस बिल्कुल खत्म होती दिख रही थी लेकिन 25 फरवरी को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर दोनों देशों ने भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकालने में पूरा सहयोग दिया जिसके चलते वह आज सही सलामत अपने घर लौट पाए उन्होंने कहा कि यह भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शक्ति है कि भारतीय छात्रों के साथ तमाम पाकिस्तानी और अफगानिस्तानी छात्र भी भारत का झंडा लगाकर बसों के माध्यम से सुरक्षित और रोमानिया बॉर्डर तक पहुंच रहे हैं।