बस्ती। शहर का दुर्गा पूजा समारोह दिव्यतम स्वरूप अख्तियार कर लिया है। समूचा शहर देवीमय है। शाम सात बजे के बाद शहर के हर कोने में आस्था की छटा बिखर रही है। जिधर देखो, श्रद्धा का सैलाब है। जिस मार्ग पर जहां तक सहूलियत है वहां तक ऑटो, कार, बाइक जैसे वाहनों पर सवार होकर लोग आ रहे हैं। इसके बाद मेला क्षेत्र में लोग पंडाल-पंडाल पैदल चल रहे हैं। भीड़ इतनी कि शहर में चलते हुए रात का पहर नहीं पता चल रहा है।
जगमग रोशनी से समूचा शहर नहाया हुआ है। चौतरफा भक्ति का अविरल प्रवाह है। देवी दर्शन करते हुए भीड़ आगे बढ़ रही है। दुर्गा पूजा उत्सव अपने उत्कर्ष पर है। श्रद्धालुओं की भीड़ आंकना भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। केवल कंपनीबाग से पक्के तक 12 मीटर चौड़ी सड़क और दोनों तरफ के तीन-तीन मीटर चौड़ाई वाले फुटपाथ भीड़ से ठसाठस भरे हुए हैं। आधी रात तक यहां श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी हुई है।
दुर्गा पंडालों में दर्शन-पूजन की होड़ इस कदर हैं कि भीड़ नियंत्रित करने के लिए आयोजन समितियों को माइक से एनाउंस करना पड़ रहा है। कंपनीबाग दुर्गा, महरीखांवा, शौकत गली के दुर्गा पंडाल में माता रानी के दर्शन-पूजन के लिए प्रवेश करने वाले लोग बहुत कठिनाई से भीड़ को चीरकर वापस निकल रहे हैं। यही हाल अस्पताल चौराहा नंदानाथ मंदिर, सुर्तीहट्टा, रौता चौराहा समेत कई दुर्गा पंडालों में देखने को मिल रहा है।
प्रशासन की अनुमान है कि समूचे शहर में पांच लाख से अधिक भीड़ रात के समय शहर में पैदल चल रही है। समूचा शहर मेले में तब्दील है। अगले दो दिन में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस भी चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद है। गांधीनगर क्षेत्र में शाम पांच बजे के बाद दोपहिया, चारपहिया समेत किसी भी तरह के वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। मालवीय मार्ग पर आवागमन का दबाव बढ़ा हुआ है। यहां भी सड़क के किनारे भीड़ पैदल चल रही है। रात आठ बजे के बाद सड़क पर वाहनों की लंबी कतार देखी जा रही है। रौता चौराहा, बैरियहवां और करतार चौराहे पर वाहनों का आवागमन सुचारु करने के लिए पुलिस को आधी रात तक पसीना बहाना पड़ रहा है।
यहां चल रही ज्यादा भीड़
कंपनीबाग से जीआईसी तक पैदल जोन है। एक पंडाल से दूसरे पंडाल तक श्रद्धालुओं का रेला चल रहा है। कुछ पंडालों में देवी जागरण का भी आयोजन हो रहा है। बाहर से आई भजन गायकों की टीम रात भर जगराता कर रही है। इसलिए पंडाल के सामने सड़क पर भीड़ लग जा रही है। पैदल निकलने के लिए लोगों को फुटपाथ के किनारे नालियों के ढक्कन से होकर गुजरना पड़ रहा है। पांडेय बाजार, मंगल बाजार क्षेत्र में भी श्रद्धालु पैदल देवी प्रतिमाओं का दर्शन कर रहे हैं। लोग परिवार के साथ निकल रहे हैं। पंडाल में पूजा-अर्चना हो रही है और बाजार तथा सड़क पर मेले का लुत्फ उठाया जा रहा है। इस दौरान पंडालों में देवी भजनों की बौछार हो रही है। जगह-जगह देवी के जयकारे भी गूंज रहे हैं।
पुलिस से नोकझोंक, शहरवासियों का राह चलना कठिन
रोडवेज से कंपनीबाग के बीच गांधीनगर क्षेत्र में आधा शहर बसा है। प्रशासन की तरफ से इसे मेला जोन चिह्नित किया गया है। यहां शाम पांच बजे के बाद वाहनों की आवाजाही पर रोक है। गलियों में भी इधर से उधर नहीं होने दिया जा रहा है। ऐसे में नौकरी या कारोबार के कार्य से गांधीनगर से बाहर निकलने वाले लोग रात आठ बजे के बाद जब घर लौट रहे हैं तो कई बार पुलिस से नोकझोंक करनी पड़ रही है।
तुरकहिया के मनोज कुमार बताते हैं कि रात में आठ बजे के बाद गांधीनगर मार्ग पर कई जगह पर पुलिस मिल रही है। बाइक से घर नहीं जाने देती है। कुछ पुलिस कर्मी अमानवीय व्यवहार भी कर रहे हैं। वहीं भोला प्रसाद कहते हैं कि रात में दुकान पर जाने के लिए पुलिस की फटकार सुननी पड़ रही है। पुलिस कर्मियों को मजबूरी समझनी चाहिए। जहां आबादी हैं वहां दवा, सब्जी के सिलसिले में लोग बाहर जरूर निकलेंगे।
कोट :::मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ चुकी है। वाहनों की आवाजाही से अव्यवस्था फैलने लगेगी। शहरवासियों को भी इसका ध्यान देना चाहिए। जिन लोगों का मेला क्षेत्र में घर या प्रतिष्ठान हैं वह अपना आधार दिखाकर बाइक से जा सकते हैं। वैसे दो-तीन दिन की बात नागरिकों को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की मदद करनी चाहिए। -श्यामकांत, एएसपी।