बस्ती जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ डॉ. अमित वर्मा की अदालत ने हत्या व सच को छिपाने के मामले में आरोपी को अजीवन कारावास व 55 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न अदा करने पर तीन साल अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी पड़ेगी।
सहायक अभियोजन अधिकारी वेद प्रकाश पांडेय व जय गोविंद सिंह ने बताया कि गौर थानांतर्गत इटबहरा निवासी प्रदीप कुमार सिंह ने 16 दिसंबर 2015 को जीआरपी थाने में अपने बेटे ब्रह्मानंद उर्फ विक्कू के गायब होने की एफआईआर दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार गोंडा जिला के चौकड़िया निवासी राहुल सिंह 11 दिसंबर 2015 को उसे अपने साथ ले गया था और 13 को उसकी लाश गौर रेलवे स्टेशन के पश्चिम केबिन के पास पाया गया।
विवेचना के दौरान सद्दाम और शमशेर अहमद का भी नाम आया। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायाधीश डॉ. अमित कुमार वर्मा ने सद्दाम को साक्ष्य के अभाव में निर्दोष करार दिया और आरोपी राहुल सिंह पर दोष सिद्ध होने के बाद सजा सुनाई।