मानिकचंद। सल्टौआ गोपालपुर ब्लॉक के ग्राम गायसाठ में दिमागी बुखार से पीड़ित 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। घर वाले उसका इलाज कराने गोरखपुर ले जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार गायसाठ निवासी केसरी के पुत्र नितेष को चार दिन से बुखार था। उसका इलाज पहले स्थानीय चिकित्सक से कराया गया। कोई फ ायदा नहीं हुआ तो उसे पीएचसी सल्टौआ ले जाया गया। स्थिति गंभीर होने के कारण उसे जिला चिकित्सालय रेफ र कर दिया गया। वहां भी कोई फ ायदा न होने पर उसे सोमवार की रात में गोरखपुर रेफ र कर दिया गया। गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में ही बालक की मौत हो गई। केसरी की आठ वर्षीय एक और पुत्री एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित है। घर के लोगाें ने बताया कि अस्पताल के डॉक्टर ने दिमागी बुखार बताकर गोरखपुर के लिए रेफ र कर दिया था। इस संबंध में सीएमओ डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी गई है।
बेटे की मौत से मां शशि पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। खेती बारी न होने के कारण पति केसरी मुंबई में प्राइवेट नौकरी करते हैं। घर पर शशि देवी बच्चों का पालन पोषण करती हैं। उनके चार और बच्चे प्रीति (12), छोटी (08), अंकित (06) और 5 माह का अंशू हैं। छोटी को भी एक सप्ताह से बुखार है।
गांव में एक साल से नहीं हुआ छिड़काव
गांव के राम प्रताप चौधरी, चंद्रप्रकाश, रामकुमार, रामशब्द, परपति, राधेश्याम, लालजी, लालमन सहित अन्य लोगों ने बताया कि लगभग 500 की आबादी वाले इस गांव की साफ सफ ाई भगवान भरोसे है। गांव में एक साल से छिड़काव नहीं कराया गया।