बस्ती। बड़ेबन स्थित टोल प्लाजा पर लगने वाले टैक्स से वाहन मालिक बेजार हो चुके हैं। वाहन मालिकों ने अधिक टैक्स वसूली को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि लोगों को अच्छी सड़क पर चलनेे का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। टैक्स कम करने और जिले में एक ही टोल प्लाजा रहने की बात कही। टैक्स न देना पड़े इसके लिए लोगों ने रास्ता ही बदल दिया है। इससे टोल की वसूली आधी से भी कम हो गई। ठेकेदार के लिए किश्त देना और स्टाफ का खर्चा निकलना मुश्किल हो रहा है। ‘अमर उजाला’ ने रविवार को टोल प्लाजा पर लगने टैक्स जब जायजा लिया तो ट्रक , बस, टैंकर और लक्जरी वाहन चलाने वालों ने एक स्वर टोल प्लाजा पर लगने वाले टैक्स को अधिक और गलत बताया। साथ ही यह भी कहा कि टैक्स लगना चाहिए मगर इतना नहीं कि लोगों को बोझ लगने लगे। सबसे अधिक नाराजगी बस्ती जिले में दो बार टैक्स देने को लेकर थी।
कार से लखनऊ से गोरखपुर जा रहे तरुण कहते हैं कि बस्ती पहुंचते-पहुंचते 280 रुपया रोड टैक्स के रूप में दे चुका हूं। हम लोगों को अच्छी सड़क पर चलने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। फैजाबाद से कुशीनगर जा रहे टैंकर चालक राजू ने टैक्स लेने को सही बताया मगर एक जिले में दो बार वसूली को गलत और मनमानी करार दिया। बिना बॉडी के नए ट्रक को लखनऊ से गोहाटी ले जा रहे चालक रामबदन यादव ने कहा कि सरकार को कम से कम नई और खाली ट्रक पर टोल टैक्स नहीं लेना चाहिए। लक्जरी कार से फैजाबाद से गोरखपुर जा रहे केबी यादव कहते हैं एक ही जिले में दो स्थानों पर पथकर वसूलना गलत है। एक ही स्थान पर लगना चाहिए। परिवार लेकर कार से लखनऊ से गोरखपुर जा रहे वाहन मालिक ने कहा कि ट्रेन के किराए के बराबर पथकर देना पड़ा। कहा कि इससे अच्छा आदमी ट्रेन से चला जाए वह सस्ता और सुरक्षित रहेगा। मेटाटोर से दिल्ली से बस्ती आ रहे चालक रामदेव कहते हैं कि पथकर के रूप में अब तक वह 1600 रुपये दे चुके हैं। उन्होंने टैक्स कम करने की जरूरत बताई।
विधायक की चिट्ठी पर टोल टैक्स-फ्री?
टोल टैक्स न देना पड़े इसके लिए वाहन मालिक ‘माननीयों’ का सिफारिशी पत्र लेकर चलते हैं। ऐसा ही रविवार को देखने को मिला। मुरादाबाद से 10 चक्का वाला लोडेड ट्रक नंबर एचआर-55-क्यू-5549 लेकर जैसे ही वैरियर पर पहुंचा तो जेब से अमरोहा के सपा विधायक अशफाक अली खां का पत्र निकालकर दे दिया और कहा कि अभी तक इसी पत्र के आधार पर किसी ने टैक्स नहीं लिया। जब बात नहीं बनी तो विधायक से मोबाइल पर बात कर लेने को कहा। बात होने के बाद बिना पथकर अदा किए उसे जाने दिया गया।
डबल नुकसान भुगते
इसी तरह ओवर लोडेड ट्रक नंबर डीआरओ- यूएफ-9286 को एआरटीओ का सिपाही पकड़ कर ले जा रहा था। जब टैक्स देने की बारी आई तो चालक ने कहा कि टैक्स तो सिपाही अपनी जेब से देंगे। कहा कि एक तो ट्रक बंद करने के लिए थाने पर ले जा रहे ऊपर से टैक्स भी अदा करूं यह ठीक नहीं है। सिपाही के हड़काने के बाद टैक्स दिया।
राह बदलकर करते हैं यात्रा
पथकर न देना पड़े इसके लिए लोगों ने रास्ता ही बदल दिया है। इसके चलते आमदनी आधी से कम हो गई है। टोल प्लाजा के लालजी कहते हैं कि अब गाड़ियां फोर लेन पर कम और गांव की तंग सड़कों पर अधिक दौड़ रही हैं। वाहनों का आवागमन बढ़ जानेे से गांव वालों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटनाएं बढ़ गई है। अब तक दो की मौत हो चुकी है। अनेक प्रधान यहां आकर शिकायत कर चुके हैं और उपाय निकालने को कहा। कहा कि प्लाजा का लोकेशन ही गलत बना है।