बस्ती। राम सुरेश चौधरी की हत्या के पीछे की वजह के बारे में अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उसकी हिस्ट्रीशीट के मद्देनजर एक ओर किसी विरोधी की ओर इशारा कर रही है तो वहीं आशनाई को लेकर भी आशंकाएं की जा रही हैं। एसपी आनंद कुलकर्णी ने तीन बिंदुओं पर आशंका जाहिर की है। भाइयों से संपत्ति विवाद, आशनाई और क्रिमिनल रिवेंज (बदला लेने के लिए) को लेकर छानबीन शुरू की गई है।
राम सुरेश को जानने वाले बताते हैं कि वह किसी को अपना राजदार नहीं बनाता था। अचानक फैसला लेने, लोगों को अपने शब्द जाल में उलझाने और सामने वाले को प्रभावित करने की गजब की कला थी। हालांकि उसने अपनी इस खूबी को नकारात्मक दिशा दे दी थी। पुलिस के रिकार्ड में उसके खिलाफ लूट समेत अन्य आरोपों में पांच मुकदमे दर्ज हैं। नगर थानाक्षेत्र के रिठिया पेट्रोलपंप और रुधौली पेट्रोलपंप लूटकांड से नाम जुड़ने के बाद उसे तत्कालीन सरकार के एक माननीय का संरक्षण मिला। उनकी छत्रछाया में कई बार मनमानी की लेकिन यह दीपावली उसके लिए अशुभ साबित हुई। पुलिस की मानें तो उसका भाइयों से संपत्ति को लेकर कुछ अनबन थी।
काल डिटेल से खुल सकती है पोल
राम सुरेश को गोलियों से किसने भूना इसका खुलासा काल डिटेल से हो जाएगा। ऐसा पुलिस को भरोसा है। उसके दोनों नंबरों का डिटेल खंगाला जा रहा है। अवकाश होने की वजह से गुरुवार को इसमें बाधा आई लेकिन उम्मीद है कि शुक्रवार को डिटेल मिल जाएगा।
अंतिम शब्द भैय्या-भैय्या पुकारने का मतलब?
राम सुरेश की शादी गौर थानाक्षेत्र के खड़सर गांव में हुई थी। दो बेटे शिवम और शुभम हैं। पत्नी इंद्रावती के मुताबिक रात 11.20 पर फोन आया था लेकिन वे भैय्या-भैय्या कहकर चिल्ला रहे थे। इसके बाद फोन बंद हो गया। पुलिस उसके अंतिम शब्द का मतलब ढ़ूंढ़ने में लगी है। सीओ सिटी राजेश भारती के मुताबिक, इसके मायने यही समझ में आ रहे हैं जैसे सामने वाले को कोई पुकार रहा हो। इसके अलावा ऐसा भी हो सकता है कि पहली गोली लगने के बाद पत्नी की मोबाइल पर डायल करने पर भैय्या शब्द निकला हो।
साले ने दी पुलिस को तहरीर
घटना की खबर से पत्नी इंद्रावती का बुरा हाल है। गुरुवार को सुबह वह बार-बार अचेत हो जा रही थी। ऐसी हालत में साले छत्रपाल चौधरी ने तहरीर दी है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।