बस्ती। दीपावली में पटाखे को लेकर तमाम जागरूकता के बावजूद बच्चों में आकर्षण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। धमाका के लिए लोग बरबस पटाखा मार्केट की ओर खिंचे चले आ रहे हैं। इस बार स्वीट सिक्सटीन, कारगिल बुलेट और सुपर राकेट की धूम है। तीन हजार रुपये तक के पटाखों का सेट बाजार में मौजूद है। तीन सौ रुपये वाला ट्राइकलर की झिलमिल रोशनी और 50 रुपये का सुतली बम भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
दो दिन पहले से ही को पटाखा बाजार भी शहर के तीन स्थानों पर सज गए हैं। इस बार जिला प्रशासन ने केवल पुराने कारोबारियों को ही लाइसेंस दिया है। दुकानों पर तीन रुपये से लेकर तीन हजार तक के पटाखे उपलब्ध हैं। धमाके के साथ उजाला करने वाले पटाखों की भी खासी डिमांड है। जीआईसी में पटाखा की दुकान लगाने वाले रिजवान अहमद का कहना है कि 20 फीसदी महंगा होने के बावजूद कारोबार पर कोई असर नहीं है। हर साल की तरह ग्राहक दुकान पर खरीददारी कर रहे हैं।
सीटी वाली जलेबी की डिमांड बढ़ी
इस बार सीटी वाली जलेबी के खूब जलवे हैं। सुपर राकेट, राकेट क्रेकलिंग, स्कोफ्लैग, फ्लावर पार्ट्स, क्रेकलिंन किंग, थ्री बूम व स्वाट सिक्सटीन को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा सीटी वाली जलेबी, रोबो, क्रेकली कोकोनट, 30 शाट्स, अशोक कलर फुलझड़ियों की छटा देखते ही बन रही है। आसमानी पटाखों में कलर क्वीन, ब्लू चेरी, गोल्डेन स्टार, रेड कास्को, ग्रीन कास्को व क्लासिक पटाखे की मांग है। पटाखा व्यवसाई रहमान बताते हैं कि अनार, महताब, ट्राईकलर, सुपर अनार, की मांग भी बढ़ी है। रंग बारात अनार 15 से 20 फुट ऊंची फुलझड़ी छोड़ता है। इसके अलावा चक्कल और सौ से 10 हजार चटाइयां लोग खरीद रहे हैं।
25 साल में 50 गुलना बढ़ा दाम
25 साल से पटाखे का बिजनेस कर रहे रिजवान अहमद बताते हैं कि जितना पटाखा वे चार हजार रुपये में लाते थे अब उसका दाम दो लाख हो गया है। इस बार भी पिछले साल की तुलना में 20 फीसदी दाम बढ़ा है। इनका कहना है कि मानक से अधिक आवाज करने वाले पटाखे इस बार कंपनियों ने बनाया ही नहीं है। इसलिए वे पटाखे बाजार में नहीं हैं।