अपने परिवार की कैमरे में फोटो कैद करते फिजी से आए रविंद्र दत्त। संवाद
सल्टौआ (बस्ती)। क्षेत्र के चाैकवा गांव में 3500 सौ से अधिक की आबादी में पांच सौ से अधिक मजदूर पंजीकृत हैं जबकि 66 परिवार अंत्योदय कार्डधारक हैं। जबकि पांच सौ से अधिक लोग बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। कई लोगों के पास मकान नहीं हैं फिर भी पंचायती राज विभाग ने एक्सपोजर विजिट रिपोर्ट में गांव को गरीबी मुक्त घोषित कर दिया गया।
अब प्रधान और सचिव को केरल व कर्नाटक की सैर कराने की तैयारी कर ली गई है लेकिन विभाग खुद नहीं बता पा रहा है कि गांव को किस आधार पर गरीबी मुक्त घोषित किया गया है। पंचायती राज विभाग ने सल्टौआ ब्लॉक के गांव चौकवा को एक्सपोजर विजिट रिपोर्ट में गरीबी मुक्त घोषित किया है।
गांव की आबादी करीब 3500 है जिसमें 1600 मतदाता हैं। मनरेगा और पूर्ति विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक गांव में पांच सौ से अधिक मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें 225 जॉबकार्ड धारक हैं तो 66 परिवारों के पास अंत्योदय कार्ड है। गांव में करीब पांच सौ बाहर अन्य शहरों में रहकर मजदूरी कर रहे हैं।
कई मजदूर तो ऐसे हैं जो झोपड़ी में रहकर गुजर-बसर करते हैं। इनके पास पक्की छत नहीं हैं। कोटेदार के अनुसार उनकी राशन दुकान में 284 पात्र गृहस्थी कार्ड हैं जिसमें 66 अंत्योदय कार्ड हैं जो राशन ले रहे हैं। 1400 यूनिट हैं। ये लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं जो अभी भी मुफ्त राशन लेकर जीवन-यापन कर रहे हैं। ग्राम सचिव अमर नाथ गौतम ने बताया कि ग्राम पंचायत में 225 मनरेगा जॉब कार्डधारक मजदूर हैं जिनकी आय का जरिया केवल मजदूरी ही है।
अपने परिवार की कैमरे में फोटो कैद करते फिजी से आए रविंद्र दत्त। संवाद