सड़क हादसा : कार सवार चार लोगों की मौत, तीन गंभीर
महराजगंज (बस्ती)। फोरलेन पर कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खजुहा के निकट अज्ञात वाहन की टक्कर से कार अनियंत्रित होकर अन्य वाहन से टकरा गई। दोनों तरफ से टक्कर लगने से कार के परखच्चे उड़ गए। कार में सवार चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई जिनमें से तीन एक ही परिवार के शामिल हैं। जबकि कार में सवार तीन अन्य लोगों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और एनएचएआई की टीम ने घंटों कोशिश के बाद कार में सवार सभी को बाहर निकाला। जिनमें तीनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चारों शवों को भी जिला अस्पताल के शव गृह में भेजा। पुलिस ने फोन के जरिए गोरखपुर के पादरी बाजार निवासी परिवार वालों को सूचना दी। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायलों को डॉक्टरों ने जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार गोरखपुर जिले के पीपीगंज थाने के रामपुर कैथोलिया गांव के रहने वाले डॉक्टर ओम नारायन श्रीवास्तव गोरखपुर शहर के पादरी बाजार के रहते हैं। उनका बेटा रवि श्रीवास्तव कोका कोला कंपनी फतेहपुर में मैनेजर थे। गर्मी की छुट्टी बिताने के लिए इन दिनों डॉ. ओम नारायन श्रीवास्तव अपने बेटे के पास फतेहपुर गए थे। बुधवार को कार से परिवार के लोगों के साथ गोरखपुर वापस हो रहे थे। देर रात 11:45 बजे कप्तानगंज थाना क्षेत्र खजुहा गांव के निकट पीछे से आए अज्ञात वाहन ने कार को ठोकर मार दिया जिससे कार अनियंत्रित होकर किसी दूसरे वाहन से टकरा गई। घटना में रवि श्रीवास्तव (40) , वंदना श्रीवास्तव ( 35), रत्ना श्रीवास्तव (70) और कार चालक रवि (25) पुत्र राम गुलाम फरीदाबाद की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। कार में पीछे बैठे डॉक्टर ओम नारायण (70), प्रणव श्रीवास्तव (14),वैष्णवी (08) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी लोग कार में फंस गए थे। एनएचएआई की टीम के शारदा प्रसाद पांडेय ,दिलीप कुमार, बृजनंदन ने काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला। तीन एंबुलेंस से शव व घायलों को जिला अस्पताल भेजवाया। मृतकों में रवि श्रीवास्तव और वंदना श्रीवास्तव पति पत्नी बताए जा रहे हैं। जबकि रत्ना श्रीवास्तव रवि की मां बताई जा रही हैं। कप्तानगंज के प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुंवर ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए भेजा गया है। शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
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रिश्तेदारों की मौत से बदहवास हुए आशीष
- सड़क हादसे की सूचना पाकर पहुंचे रवि श्रीवास्तव के साले आशीष श्रीवास्तव रिश्तेदारों के शवों को देखकर बेहोश हो गए। आसपास के लोगों ने किसी तरह से उन्हें संभाला। आशीष ने बताया कि हर बार जीजा गाड़ी खुद चलाकर आते थे। लेकिन इस बार वे चालक के साथ आ रहे थे। शायद इस बार अनहोनी होनी थी। जिला अस्पताल पहुंचे रिस्तेदारों ने गंभीर रूप से घायल डॉ. ओम नारायन श्रीवास्तव, प्रणव और वैष्णवी को लेकर मेडिकल कालेज गोरखपुर चले गए। सदर अस्पताल चौकी प्रभारी ने शवों के पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दिया।
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शवों को रात भर लेकर घूमती रही एंबुलेंस
- जिला अस्पताल में आए दिन सड़क हादसे में मारे गये लोगों का शव रखने को लेकर विवाद होता है। इस बार भी चारों शव लादकर एंबुलेंस जिला अस्पताल पहुंची तो वहां के कर्मचारी ने शव रखने से इनकार कर दिया। अस्पताल कर्मियों ने पहले तो मोर्च्यूरी खराब होने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ते रहे। रात 12 बजे से तीन बचे तक पोस्टमार्टम हाउस और जिला अस्पताल के बीच शवों को लेकर एनएचएआई की एंबुलेंस घूमती रही। बाद में जब शवों को लेकर फिर एम्बुलेंस जिला अस्पताल पहुंची तो 112 डायल करके पुलिस बुलाई गई। काफी पंचायत के बाद तीन शवों को मर्च्यूरी में रखा गया मगर एक शव बाहर ही रखवाया गया। जिला अस्पताल के प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ राम प्रकाश ने बताया कि यहां जब शव अधिक हो जाते हैं तो यह समस्या आती है।
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