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371 परिषदीय स्कूलों को कायाकल्प का इंतजार

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371 स्कूलों को कायाकल्प का इंतजार
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1703 स्कूलों में कायाकल्प योजना के तहत हुआ काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। निजी विद्यालयों को टक्कर देने और शिक्षा में सुधार के लिए जिले के 371 स्कूलों को अब भी कायाकल्प का इंतजार है। बेसिक शिक्षा विभाग का तर्क है कि पंचायत चुनाव की वजह से इन स्कूलों में काम बाधित है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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जिले में प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय व कंपोजिट स्कूलों की कुल संख्या 2074 है। प्रदेश सरकार के ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत 18 बिंदुओं पर विद्यालय में काम होने थे। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के करीब 1703 विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत काम हुआ है। इसमें बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, कक्षा की फर्श पर टाइल्स लगाना, रसोई घर का निर्माण, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, ब्लैकबोर्ड, विद्यालय की रंगाई-पुताई, मल्टीपल हैंडवॉशिंग यूनिट, कक्षा कक्ष में वायरिंग व विद्युत उपकरण और कुर्सी बेंच की व्यवस्था शामिल हैं। लेकिन 371 स्कूलों में कायाकल्प योजना के तहत आधे-अधूरे काम ही हुए हैं। विशेष तौर पर जो विद्यालय जर्जर अवस्था में हैं, उनमें ऑपरेशन कायाकल्प योजना का काम कराया जाना अति आवश्यक था। बावजूद इसके कई विद्यालयों में आधार अधूरा काम करा छोड़ दिया गया। सल्टौआ विकास खंड के अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में इस योजना के तहत कोई कार्य नहीं कराया गया। जिसे प्राथमिक विद्यालय कल्यानपुर में कमरों की स्थिति जर्जर हो चुकी, फर्श टूटा गया है। बाउंड्रीवाल पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। परिसर में लगा हैंडपंप खराब पड़ा है। प्रधानाध्यापक प्रभाकर शुक्ल ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट के निधि से रंगाई-पुताई कराई गई। बाकी काम ग्राम निधि से होना था, लेकिन अभी तक हो नहीं पाया। वहीं प्राथमिक विद्यालय पिटाउट के प्रधानाध्यापक अतुल कुमार ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट के निधि से रंगाई-पुताई कराई गई है। कायाकल्प योजना में ग्राम पंचायत की ओर से दो कमरों टाइल्स लगाया गया है। अभी अन्य काम बाकी है। इस बाबत बीएसए जगदीश शुक्ल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में ग्राम पंचायत निधि से ऑपरेशन कायाकल्प योजना का काम हो रहा है। पंचायत चुनाव के कारण काम रुक गया था जल्द ही बजट मिलने पर पूरा हो जाएगा।
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