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फालोअप: गहराया प्रधानपुत्र की मौत का रहस्य

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प्रधान की तहरीर पर हत्या में तीन आरोपी नामजद
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गायघाट (बस्ती)। कलवारी थाने के विशेनपुर गांव के प्रधान व कुदरहा ब्लॉक के प्रधानसंघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के साढ़े तीन वर्ष के बेटे की मौत के मामले में पुलिस ने गांव के तीन लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मृत नागेंद्र के पिता धर्मेंद्र ने तहरीर दी कि उनका बेटा नागेंद्र प्रताप चौधरी घर के बाहर खड़े ट्रैक्टर पर खेल रहा था। इसके बाद वह डीह बाबा के स्थान पर गया। जहां से वह लापता हो गया।
तहरीर में गांव के मुकेश, राज व प्रमोद पर हत्या करके कुएं में फेंक देने का संदेह जताया, जिसके आधार पर पुलिस ने फौरी तौर पर तीनों के विरुद्घ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। मगर तहरीर में हत्या की कोई वजह या आधार नहीं बताया गया। इस मामले में बृहस्पतिवार सुबह एक नया मोड़ तब आ गया जब गांव का ही एक अर्ध विक्षिप्त जैसी हरकत करने वाले व्यक्ति ने चिल्ला-चिल्लाकर यह कहना शुरू कर दिया कि बच्चे की उसी ने गला दबाकर हत्या की है, क्योंकि बच्चे ने उसे एक बार मारा था। उसने ही गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरकर लाया और कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने राम जनक नाम के उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है। एसओ अरविंद कुमार शाही का कहना है कि पुलिस के सामने उसने कुछ कबूल नहीं किया है। अभी उसकी बात पर यकीन नहीं किया जा सकता। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच कड़ी सुरक्षा के बीच शव का अंतिम संस्कार करवाया गया।
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जानी थी चाचा की बारात,उठी भतीजे की अर्थी
गायघाट। प्रधान संगठन कुदरहा के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार चौधरी के छोटे भाई सुरेंद्र की बृहस्पतिवार को शादी होने वाली थी। घर में हंसी-खुशी का माहौल था। परिवार रिश्तेदार और पड़ोसी बारात जाने की तैयारी में लगे थे। लेकिन बुधवार शाम प्रधान धर्मेंद्र चौधरी के इकलौते साढ़े तीन वर्षीय बेटे का कुएं में शव मिलने से खुशी का माहौल मातम में बदल गया।
जिंदा होने की उम्मीद में बच्चे को कुएं से निकाल कर परिवार के लोग अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी कलवारी के साथ नगर, दुबौलिया और कलवारी थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। मौके पर मृतक का चप्पल और एक बोरा मिला था।
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बेटी की हत्या में जेल जा चुका है राम जनक
गांव वालों ने बताया कि इसके पूर्व राम जनक अपनी ही पुत्री की हत्या के आरोप में 15 वर्ष पहले जेल जा चुका है। पांच वर्ष बाद वह जेल से छूटा था। ग्रामीणों के अनुसार वह गांव की एक गाय व भैंसे की भी हत्या कर चुका है। साथ ही कई बार अपना बिस्तर भी जला चुका है। उसकी हरकतों के कारण बेटा बहू उससे अलग रहते हैं। वह गांव के बाहर एक घारी में सोता है और मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता है।
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