फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपडेट,,नोटा से भी नहीं जीत सके 54 में 29 उम्मीदवार

विज्ञापन
विज्ञापन
नोटा से भी नहीं जीत सके 54 में से 29 उम्मीदवार
विज्ञापन

बस्ती। जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर 54 में से 29 उम्मीदवार ऐसे रहे जो नोटा से भी नहीं जीत सके। जिले की पांचों विधानसभा में नोटा को कुल 6967 वोट मिले हैं। वहीं, कांग्रेस समेत छोटे दलों और कई निर्दलीय समेत 39 उम्मीदवारों की तो जमानत भी जब्त हो गई है।
बस्ती सदर विधानसभा क्षेत्र में 1320 मतदाताओं ने ईवीएम में नोटा को वोट दिया। यहां कुल 11 में से सात उम्मीदवार ऐसे रहे जिन्हें इससे भी कम वोट मिले। यानी की वह मतदाताओं की पसंद नहीं बन पाए। वहीं, हर्रैया विधानसभा क्षेत्र में 1704 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। यहां कुल नौ उम्मीदवारों में से पांच प्रत्याशी ऐसे रहे, जिन्हें नोटा से कम वोट मिले। कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र में 1221 लोगों ने नोटा को वोट दिया, यहां नोटा से कम वोट पाले वाले कुल 12 उम्मीदवारों में सात रहे। रुधौली में 1140 मतदाताओं ने नोटा को वोट दिया। यहां भी चौदह में से सात उम्मीदवार ऐसे रहे जो नोटा से भी चुनाव हार गए। वहीं, महादेवा सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में 1582 मतदाताओं ने नोटा को वोट दिया। यहां आठ में से तीन प्रत्याशी ऐसे रहे जो नोटा की भी बराबरी कर पाने में नाकाम रहे। उधर, जमानत जब्त कराने वाले उम्मीदवारों में कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी के चार समेत कुल 39 उम्मीदवार शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चुनाव में कैसे जब्त होती है जमानत
वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकी नाथ पांडेय बताते हैं कि जनप्रतिनिधत्व कानून 1951 के अनुसार अगर किसी उम्मीदवार को निर्वाचन क्षेत्र में कुल वैध मतों की संख्या के छठे भाग या 1/6 से कम वोट मिलते हैं, तो उसकी जमानत जब्त हो जाती है। हर चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार को एक तय रकम चुनाव आयोग में जमा करानी पड़ती है, इसे ही जमानत राशि कहते हैं। अगर कोई प्रत्याशी तय मत हासिल नहीं कर पाता है, तो उसकी जमानत राशि जब्त हो जाती है। हर चुनाव में जमानत राशि अलग-अलग होती है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जमानत राशि का उल्लेख रिप्रेजेंटेटिव्स ऑफ पीपुल्स एक्ट, 1951 में किया गया है। लोकसभा चुनाव में यह राशि 25 हजार और विधानसभा चुनाव में 10 हजार होती है। हालांकि, सामान्य और एससी-एसटी वर्ग के लिए जमानत राशि अलग-अलग होती है। एसटी वर्ग के लिए ये राशि 5 हजार रुपये है।
किस उम्मीदवार को कितने मत मिले
बस्ती सदर विधानसभा क्षेत्र
महेंद्र नाथ यादव (सपा)- 86029
दयाराम चौधरी (भाजपा)- 84250
आलोक रंजन वर्मा (बसपा)- 36429
देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव (कांग्रेस) -4105
अंबरीश देव गुप्ता (भारत महापरिवार पार्टी)- 1180
बबीता (निर्दलीय) -612
ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी (अटल जनशक्ति पार्टी)-537
रमेश कुमार सिंह (आप)- 506
राम प्रसाद (जनहित किसान पार्टी)- 445
अरबाबुल हक (आजाद समाज पार्टी कांशीराम)- 414
प्रदीप कुमार(बहुजन मुक्ति पार्टी) -266
नोटा-1320
हर्रैया विधानसभा क्षेत्र
अजय सिंह (भाजपा)- 88200
त्रयंबक नाथ पाठक (सपा)- 69871
राजकिशोर सिंह (बसपा)- 55697
लबोनी सिंह (कांग्रेस)-2008
दीप कुमार (विकासशील इंसान पार्टी)- 1342
चंद्रमणि पांडेय (निर्दलीय) -1046
श्रवण कुमार (निर्दलीय)- 603
आद्याशरण चौधरी (निर्दलीय)- 434
सुरेश कुमार सिंह (आप) -429
नोटा -1704
कप्तानगंज
कवींद्र चौधरी (सपा)- 94273
चंद्र प्रकाश शुक्ला (भाजपा)- 70094
जहीर अहमद (बसपा)- 40381
अंबिका सिंह (कांग्रेस)- 3527
दिग्विजय सिंह (निर्दलीय)- 1714
रामजी (निर्दलीय) -1047
सुनील (जन अधिकार पार्टी)- 943
ओम प्रकाश (अटल जनशक्ति पार्टी)- 883
संजय कुमार (आम आदमी पार्टी)- 574
कपिलदेव (निर्दलीय)- 478
लक्ष्मण (लोग पार्टी)- 444
हृदयराम (बहुजन मुक्ति पार्टी)- 346
नोटा- 1221
रुधौली
राजेंद्र प्रसाद चौधरी (सपा)- 86360
संगीता जायसवाल (भाजपा)- 71134
अशोक कुमार (बसपा) -37618
पुष्करादित्य सिंह (आम आदमी पार्टी)- 24463
बसंत चौधरी (कांग्रेस)- 4451
निहालुद्दीन (एआईएमआईएम)- 3238
मो.कय्यूम (अटल जनशक्ति पार्टी) -1461
जयगोविंद पांडेय (अखिल भारतीय सोशलिस्ट पार्टी)- 953
लक्ष्मीकांत भट्ट (निर्दलीय)- 866
प्रेम कुमार ( निर्दलीय)- 707
महफूज अली (पीस पार्टी) -662
अजय प्रताप (निर्दलीय) -536
सुनील कुमार (निर्दलीय)- 510
नीलम (लोग पार्टी)- 432
नोटा -1140
महादेवा
दूधराम (सपा-सुभासपा)- 83350
रवि सोनकर (भाजपा)- 77855
लक्ष्मी चंद्र खरवार (बसपा)- 40207
पूर्णिमा (जन अधिकार पार्टी)- 2907
बृजेश कुमार (कांग्रेस)- 2255
सुरेश (आप)- 1183
विजय विक्रम (निर्दलीय)- 943
रामकरन (बहुजन मुक्ति पार्टी)- 905
नोटा -1582
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें