बस्ती। जिले में चिह्नित 25 हजार गरीब परिवारों को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की पहल शुरू की गई है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बकरी पालन से जोड़ने के लिए 280 बकरी शेड बनवाए जाएंगे। इनका निर्माण वीबी जी रामजी के तहत कराया जाएगा। योजना पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जिले में करीब 17 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे एक लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं और विभिन्न स्वरोजगार कर रही हैं। अब ग्राम्य विकास विभाग बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए समूह की महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी में है।
योजना के तहत जिले के सभी 14 ब्लॉकों में बकरी शेड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक ब्लॉक में 20-20 शेड बनाए जाने हैं। हालांकि, बनकटी ब्लॉक में पहले चरण में 30 परिवारों का चयन किया गया है। अन्य ब्लॉकों में भी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बकरी पालन का प्रशिक्षण, ऋण की भी सुविधा : चयनित महिलाओं को बकरी पालन की वैज्ञानिक तकनीक, राशन बैलेंसिंग, बकरियों में होने वाले रोगों और उनकी रोकथाम के साथ टीकाकरण की जानकारी दी जा रही है। कारोबार शुरू करने में आर्थिक दिक्कत न हो, इसके लिए पात्र महिलाओं को योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।
ग्राम पंचायतों में बैठक कर लिए जाएंगे आवेदन : उपायुक्त श्रम स्वरोजगार संजय शर्मा ने बताया कि सीडीओ के निर्देशन में वीबी जी रामजी के तहत ग्रामीण स्तर पर चयनित लाभार्थियों के लिए बकरी शेड बनवाए जाएंगे।
ग्राम पंचायतों में बैठक कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से आवेदन लिए जाएंगे। इसमें कमजोर वर्ग के चिह्नित बकरी पालकों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।