फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी हासिल करने वालीं दो शिक्षिकाएं बर्खास्त
बस्ती। परिषदीय विद्यालय में फर्जी अभिलेख के सहारे नौकरी हासिल करने के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। प्रमाणपत्र के सत्यापन के दौरान इस फर्जीवाड़े में दो शिक्षिकाओं के नाम सामने आए हैं। बीएसए ने रिपोर्ट के आधार पर दोनों शिक्षिकाओं को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। बीएसए जगदीश प्रसाद शुक्ल ने बताया कि चयन होने के बाद प्रमाण पत्रों के सत्यापन के आधार पर दोनों सहायक अध्यापिकाओं की सेवा समाप्त कर दी गई है। वेतन रिकवरी के साथ ही दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बीईओ को निर्देशित किया है।
जिले में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने वालों पर लगातार गाज गिर रही है। इसी क्रम में बीएसए कार्यालय के अनुसार 2021 में हुई 69 हजार सहायक अध्यापक के द्वितीय चरण में अभ्यर्थी कुसुम गौतम का चयन हर्रैया ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय अशोकपुर में सहायक अध्यापिका पद पर हुआ था जो प्रतापगढ़ की रहने वाली कुसुम गौतम के चयन के बाद प्रमाण पत्रों के सत्यापन में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का प्रमाण पत्र कूटरचित पाया गया। वहीं 41556 सहायक अध्यापक भर्ती में प्रियंका त्रिपाठी का चयन सदर ब्लॉक के जामडीह प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका पद पर हुआ था। संतकबीरनगर की रहने वाली प्रियंका त्रिपाठी की ओर से से प्रस्तुत दिव्यांग प्रमाण पत्र की जांच कराई गई, जिसमें यह प्रमाण पत्र कूटरचित पाया गया। फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने वालीं दो सहायक अध्यापिकाओं को बर्खास्त कर दिया गया है।
बोले बीएसए
बीएसए जगदीश शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों के शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्रों की लगातार जांच कराई जा रही है। सभी बीईओ को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों के अभिलेखों की गहनता से जांच करें। अभिलेखों के सत्यापन में कहीं कोई लापरवाही न बरती जाए। यदि सत्यापन के दौरान कोई भी अभिलेख संदिग्ध पाया जाता है तो उसको हर बिंदु से देख लिया जाए।