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शहर को ओडीएफ बनाने की कवायद

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पिंक टॉयलेट - फोटो : self
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शहर को ओडीएफ बनाने की कवायद
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पालिका ने बनाई रणनीति, 810 निजी शौचालय निर्मित
सर्वे के बाद 3500 आवेदन मिले पात्र, 3006 को दिया गया धन
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पालिका प्रशासन ने शहरी क्षेत्र में निजी शौचालय पर कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत जहां 3500 पात्रों में से 810 शौचालयों का निर्माण पूरा करा दिया है। वहीं, 3006 के खाते में पचास प्रतिशत धन भी उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें से भुगतान के बावजूद 2600 पात्र काम नहीं करा रहे हैं।
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शहरी क्षेत्र को दो अक्टूबर तक खुले में शौच मुक्त बनाना है। यह शासन की मंशा है। योजना के मुताबिक पुरानी सूची के प्रत्येक पात्र को शौचालय निर्माण के लिए आठ हजार रुपये दिए जाते हैं। पालिका के सर्वे के मुताबिक शहरी क्षेत्र के 16 वार्ड तो ओडीएफ की प्रक्रिया में आ गए हैं, जबकि सात वार्ड में स्थिति अभी ठीक नहीं है। यहां टीम लगाई गई है, जो सीटी आदि बजाकर उन्हें खुले में शौच करने से रोकेगी और शौचालय के लिए प्रेरित करेगी। सुलभ शौचालय के निर्माण के साथ ही मोबाइल शौचालय भी पालिका उपलब्ध कराएगी। नगर पालिका परिषद के ईओ डॉ. मणि भूषण त्रिपाठी ने बताया कि शहर को हर हाल में दो अक्टूबर से पहले ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। इसके लिए पूरी ताकत लगा दी गई है। शौचालय निर्माण के अलावा अन्य विकल्पों पर भी पालिका ने रणनीति बनाई है। कहा कि ओडीएफ में बाधा डालने वालों के खिलाफ पालिका सख्त कदम उठाएगी। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष रुपम मिश्रा ने कहा कि यूं तो 16 वार्ड ओडीएफ घोषित करने की प्रक्रिया में आ चुके हैं। जिन सात वार्डों में ऐसी स्थिति है वहां कई घरों में निजी शौचालय नहीं हैं इसके लिए उन्हें धन उपलब्ध कराया जा रहा है। जन सहयोग से ही स्वच्छ भारत मिशन की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।
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