हर्रैया। नगर पंचायत हर्रैया के वार्ड नंबर 12 स्थित 100 शैया महिला अस्पताल परिसर में वर्षों से मिट्टी में दबे 150 वर्ष से अधिक पुराने ऐतिहासिक शिवालय का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। प्राचीन धार्मिक धरोहर को नया स्वरूप देने के लिए नगर पंचायत ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सावन माह में मंदिर पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ भी कर दिया गया।
उपलब्ध अभिलेखों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस शिवालय का निर्माण करीब वर्ष 1875 में कराया गया था। लंबे समय तक देखरेख के अभाव और आसपास मिट्टी का भराव होने के कारण यह प्राचीन मंदिर धीरे-धीरे जमीन के अंदर धंस गया था। स्थिति यह हो गई थी कि कई वर्षों से यहां पूजा-पाठ भी बंद था।
अब नगर पंचायत की ओर से इस ऐतिहासिक मंदिर को भव्य स्वरूप देने की योजना बनाई गई है। मंदिर के नए निर्माण में बारीक नक्काशीदार संगमरमर, विशेष पत्थरों और लाल पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग की वैदिक विधि-विधान के साथ पुनर्स्थापना की जाएगी।
मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर क्षेत्रीय लोगों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय निवासी रमेश चंद्र शर्मा, चंदमणि पांडेय सुदामा और अविनाश ओझा ने बताया कि यह मंदिर उनके पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि बचपन से इस मंदिर को मिट्टी में दबा हुआ देखते आए हैं, लेकिन सावन के पवित्र महीने में इसके जीर्णोद्धार का संकल्प पूरा होना सौभाग्य की बात है।
वहीं बुजुर्ग नागरिक राम सुंदर यादव ने कहा कि अस्पताल परिसर में मंदिर के भव्य रूप लेने से श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना की सुविधा मिलेगी। साथ ही अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी मानसिक शांति और आध्यात्मिक संबल मिलेगा।