बस्ती। सार्वजनिक स्थानों से उचित दर की दुकानों के संचालन के लिए 145 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन बनवाए जाएंगे। अन्नपूर्णा भवन बनवाए जाने पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
भवन बनवाए जाने के लिए मनरेगा मद से स्वीकृति दी गई है। गांवों में भवन बनवाए जाने से श्रमिकों को काम भी मिलेगा। भवन में कई और सुविधाएं भी मिलेंगी। कुछ भवन तैयार भी हैं। जिसे जल्द हैंडओवर कर दिए जाएंगे। मनरेगा से भवन बनाकर आपूर्ति विभाग को हैंडओवर करना है। गांवों में संचालित उचित दर की दुकानों को अब अपने भवन मिलने लगे हैं जिससे अनाज आदि का वितरण भी सार्वजनिक स्थानों से होगा।
सार्वजनिक स्थानों से अनाज आदि के वितरण होने से लोगों को उचित दर विक्रेता के घर नहीं जाना होगा और गांव की राजनीति के वितरण पर असर नहीं पड़ेगा। अब गांव की राजनीति और रंजिश के कारण कोटेदार के दरवाजे पर न जाने वाले कार्डधारक परिवार भी अनाज आदि आसानी से ले सकेंगे। खाद्य और रसद विभाग के माध्यम से ग्राम्य विकास विभाग ने उचित दर की दुकानें बनाने पर सहमति दी है।
बताया कि गांवों में संचालित उचित दर की दुकानों में से 145 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन बनवाए जा रहे हैं। एक भवन को बनवाए जाने में औसतन करीब साढ़े आठ लाख रुपये की लागत आ रही है। उस हिसाब से 145 भवनों को बनवाए जाने के लिए करीब 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मनरेगा मद से काम होने के चलते गांवों के श्रमिकों को भी रोजगार मिलेगा।
मनरेगा के अलावा खाद्य विभाग को भी भवन बनाने के लिए लक्ष्य मिला है। 21 भवन खाद्य विभाग जबकि शेष भवन को मनरेगा से तैयार कराया जाएगा। जिला पूर्ति अधिकारी विमल कुमार शुक्ल का कहना है कि भवन का निर्माण शुरू है। जो भवन तैयार होकर मनरेगा से हैंडओवर हो रहे, वहां जल्द ही दुकान शिफ्ट करवा दी जाएगी। ा