ईटीसी-पीआईसीयू सक्रिय करने की कवायद तेज
एडी हेल्थ ने सीएमओ को दिए निरीक्षण के निर्देश
सीएमओ ने नोडल अधिकारी से मांगी आख्या
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। ग्रामीण इलाके में तेज बुखार और इंसेफेलाइटिस के लक्षण वाले मरीजों का इलाज तत्काल शुरू करने के लिए ब्लॉकवार ईटीसी (इंसेफलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर) बनाए गए हैं। इसके अलावा अति संवेदनशील हर्रैया, गौर व कुदरहा में पीआईसीयू भी स्थापित है। मौसम की संवेदनशीलता को भांपकर इन सभी केंद्रों को सक्रिय करने के निर्देश एडी हेल्थ डॉ. रंगजी द्विवेदी ने सीएमओ को दिए हैं। सीएमओ ने एडी हेल्थ के निर्देशों के क्रम में नोडल अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया को निरीक्षण कर स्थिति की आख्या मांगी है। जहां केंद्र निष्क्रिय हो उसे तत्काल संचालित कराने की व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं।
जिले के सभी चौदह ब्लॉकों में दो शैय्यायुक्त इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर की स्थापना पिछले वर्ष की थी। इस सेंटर में बुखार सहित इंसेफेलाइटिस से संबंधित 19 प्रकार की दवाएं व सुइयां रखी गईं थीं। इसके अलावा पिछले वर्ष ही जेई व एईएस से पीड़ित बच्चों के लिए सघन चिकित्सा कक्ष बनाए गए हैं। अब फिर से इन केेंद्रों को सक्रिय करने का समय आ गया है। क्योंकि जैसे ही तेज गर्मी के बाद बरसात शुरू होगी। जेई-एईएस के वायरस सक्रिय हो उठेंगे। इस बीमारी में मरीजों को ग्रामीण स्तर पर ही तत्काल इलाज शुरू हो सके। इसके लिए ईटीसी को सक्रिय कर दिया जाएगा। यहां मरीज को तेज बुखार में भर्ती करने के बाद उसे आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे समय रहते मरीज को आवश्यक दवाएं मिल जाएं और उसे इस बीमारी के खतरे से बचाया जा सके। इन केंद्रों में 24 घंटे भर्ती की व्यवस्था होती है। ब्लॉक स्तर पर स्थित सीएचसी व पीएचसी में यह केंद्र खोले गए हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए सघन चिकित्सा कक्ष को भी संचालित किया जाएगा। इन केंद्रों में हर्रैया और गौर के केंद्र अब तक ठीक ढंग से संचालित नहीं हो पाए हैं, जबकि कुदरहा में यह सेंटर काम कर रहा है। सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने कहा कि मौसम को देखते हुए जेई-एईएस से लड़ने की तैयारी स्वास्थ्य महकमा कर रहा है। सभी सेंटरों का निरीक्षण एसीएमओ डॉ. कन्नौजिया कर रहे हैं। जहां जिन दवाओं और संसाधनों की जरूरत है। समय रहते उपलब्ध करा दिया जाएगा।