गेहूं भंडारण में छूटा समितियों के सचिवों को पसीना
तीन से चार दिन के हाल्टेज का खर्च झेल रहे सचिव
गेहूूं उतराई में दिक्कत से खरीद प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। गेहूं खरीद के लिए शासन ने पूरी ताकत लगा दी है, मगर इसके भंडारण की व्यवस्था आज भी ढुलमुल ही है। इस अव्यवस्था के चलते खरीद प्रभावित हो रही है। पीसीएफ के कई केंद्रों पर खरीद की गति बेहद धीमी है। इसका कारण मात्र एफसीआई पर गेहूं उतरवाई है। यह उतरवाई सचिवों की जेब पर भारी पड़ रही है। क्योंकि ट्रकों की उतरवाई में चार-चार दिन लग रहे हैं, जिससे ट्रकों के हाल्टेज खर्च से सचिव परेशान हैं। प्रति ट्रक छह हजार हाल्टेज देने से बचने के लिए सचिवों ने खरीद की गति धीमी कर दी है।
जिले में पीसीएफ के 82 केंद्र हैं। इनमें अधिकांश पर खरीद शुरू हो गई। शुरुआती दौर में खरीद का ग्रॉफ बेहद तेज था, मगर धीरे-धीरे समितियों पर सचिव खरीद के प्रति अरुचि दिखाने लगे हैं। क्योंकि खरीद केंद्रों से सीडब्लूसी गोदाम पर पहुंचने में जहां अच्छी-खासी रकम भाड़े के रूप में ट्रक को देनी पड़ती है वहीं, लाइन में चार-चार दिन लगने के चलते प्रतिदिन 1500 रुपये हाल्टेज खर्च भी सचिवों को देना पड़ रहा है।
सचिवों की मानें तो ट्रक का भाड़ा डीएम रेट से बेहद कम है। ऐसे में खुद ही अधिक भाड़ा देकर ट्रक किराए पर लेते हैं उसके बाद हाल्टेज भी जेब से जाता है। ऐसे में खरीद कैसे संभव होगी। सचिवों का कहना है कि यदि ट्रक गोदाम पर जाते ही खाली करा दिए जाएं तो दिक्कत कम होगी, मगर ऐसा संभव नहीं दिख रहा है। क्योंकि जिले में गोदाम में जगह भी कम है। ऐसे में कितना धन खरीद में खुद की जेब से दिया जाए। पीसीएफ के जिला प्रबंधक अमित कुमार चौधरी ने कहा कि समितियों पर खरीद की गति तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, मगर सचिवों की भी बात सही है कि जब गाड़ी खाली करने में चार-चार दिन लगेंगे तो फिर इनका हाल्टेज कहां से दिया जाए। डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि भंडारण में दिक्कत डीएम के संज्ञान में है। इसे लेकर कवायद भी शुरू हो गई है। शीघ्र ही निजी गोदामों का अधिग्रहण कर वहां गेहूं भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित कराएगी, जिससे हर दिन गाड़ियां खाली हो सकेंगी।