बस्ती। अयोध्या विकास की चमक बस्ती में भी दिखेगी। अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) में शामिल किए गए 129 गांवों में विकास को गति मिलने वाली है। सर्वे शुरू हो गया है। इससे उम्मीद है कि बाढ़ प्रभावित गांवों की भी दशा सुधर जाएंगी।
पहले चरण में बनी महायोजना-2031 में कुछ तकनीकी सुझाव के बाद संशोधन के बाद फिर से महायोजना-2031 फेज दो बनाई गई। इसके उपरांत बस्ती जनपद के चिह्नित गांवों के लोगों से आपत्तियां ली गईं। आपत्तियों के निराकरण के बाद इस पर फाइनली सहमति बन गई। इसके बाद पूर्णत: 129 गांव बस्ती के अयोध्या के एडीए में शामिल कर लिए गए।
इससे एडीए यहां विकास को रफ्तार देगी। कई गांव ऐसे हैं जहां, नाली, सड़क, पानी, प्रकाश तक की व्यवस्था से जूझ रहे, ऐसे में एडीए में शामिल हुए इन गांवों में विकास कार्य होने पर नई तस्वीर सामने होगी।
बता दें कि अयोध्या वैश्विक नगरी बनने के बाद से ही अवध की धमक मख क्षेत्र के गांवों में दिख रहा है। बताया गया कि इसी के जरिये यहां प्रभु श्रीराम की नगरी का विस्तार हो रहा है। यहां के लोगों का कहना है कि एडीए के बाद विकास की गति तेज होगी। सरयू के उत्तरी छोर पर बसे इन गांवों से भी नव्य, दिव्य, भव्य अयोध्या की पहचान मिलेगी। इस क्षेत्र के गांवों की तस्वीर जल्द बदलने वाली है।
महायोजना-2031 में कई राहत : जनपद बस्ती के काश्तकारों के लिए अवध के विस्तार की यह दूसरी सौगात है। अभी चौड़ी सड़क, नाली, विद्युतीकरण, सीवरलाइन, पार्क आदि विकास से संबंधित कार्य होने बाकी हैं।
एडीए इन गांवों में विकास के नए आयाम लेकर अब नई महायोजना के तहत उतरेगा तो यह गांव भी महानगरों की भांति सुखद दृश्य संजोएंगे। इसीलिए यहां के काश्तकार भी अब सजग हो गए हैं। शहरों की तरह परशुरामपुर और विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र में भी एक-एक इंच जमीन सहेजी जा रही है।