- पाठ्यक्रम पूरा होने पर फर्जी नियुक्ति पत्र भी बांट रहे साइबर ठग
बरेली। साइबर अपराधी ऑनलाइन कोचिंग और नौकरी का झांसा देकर युवाओं को ठग रहे हैं। शहर के कई युवा इनके जाल में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं। ठगी का शिकार हुए युवाओं ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन स्किल ट्रेनिंग की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने इंटरनेट पर सर्च किया। इसी दौरान वह एक कंपनी के संपर्क में आए। कंपनी ने कोर्स बेचते समय जाब की गारंटी का दावा कर उनको चूना लगा दिया।
पीड़ितों ने बताया कि भारी-भरकम फीस जमा करने के बाद उन्हें लाइव क्लास के बजाय कुछ पुराने रिकॉर्डेड वीडियो दे दिए। कोर्स पूरा होने का झांसा देकर उन्हें एक ज्वॉनिंग लेटर भी भेजा गया। जब वह संबंधित पते पर पहुंचे तो पता चला कि वह कंपनी अस्तित्व में ही नहीं है। एक युवती ने बताया कि वह डिजिटल मार्केटिंग कोर्स की तलाश कर रही थी। इसी बीच उनके पास घर बैठे काम करने का मेसेज आया। कंपनी ने शर्त रखी कि कोर्स केवल उन्हें ही कराया जाएगा जो कंपनी में जॉब करेंगे।
इसके लिए युवती से 8,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर जमा कराए गए। साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि ठग युवाओं को फंसाने के लिए पहले छोटे और आसान टास्क देते हैं। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए कुछ रुपये लौटाए जाते हैं। इसके बाद एडवांस कोर्स या बड़े निवेश के नाम पर मोटी रकम ऐंठ ली जाती है। किसी भी संस्थान में ऑनलाइन फीस जमा करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट, ऑफिस का पता और रिव्यू की अच्छी तरह जांच कर लें। लुभावने विज्ञापनों और जॉब गारंटी जैसे दावों पर आंख बंदकर भरोसा न करें। संवाद