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सऊदी अरब में फंसे युवक ने की घर वापसी कराने की गुहार

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phone - फोटो : सोशल मीडिया
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2017 में फैमिली ड्राइवर की नौकरी के लिए गया था सऊदी अरब
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अब रहने-खाने का भी इंतजाम नहीं, पीएम-सीएम को लिखी चिट्ठी

बरेली/बिथरी चैनपुर। चार साल पहले फैमिली ड्राइवर की नौकरी के लिए सऊदी अरब गए बिथरी चैनपुर के गांव पदारथपुर निवासी रुखसान खां वहां बुरी तरह फंस गए हैं। उनका पासपोर्ट और वीजा छीन लिया गया है। उन्हें वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। इससे उन्हें कई-कई दिन भूखे रहना पड़ता है। पार्क में सोते हैं। उन्होंने एक वीडियो वायरल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से घर वापसी कराने की गुहार लगाई है।
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मां अकीला बेगम ने बताया था कि वर्ष 2015 में बेटा रुखसान पहली बार सऊदी अरब गया था। वहां कपिल नाम के व्यक्ति के यहां फैमिली ड्राइवर का काम मिला। हर महीने 1500 रियाल तनख्वाह मिलती थी। दो साल काम करने के बाद वह तीन महीने के लिए घर आ गया और गांव के ही एक व्यक्ति के जरिये दोबारा सऊदी अरब चला गया। कपिल के पास पहुंचा तो उसने रुखसान को दूसरे व्यक्ति के पास काम करने भेज दिया। उस व्यक्ति ने उनका पासपोर्ट, वीजा और सभी जरूरी दस्तावेज छीनकर अपने पास रख लिए। दो-तीन महीने बाद वेतन देना भी बंद कर दिया। रुपये मांगे तो जेल भिजवाने की धमकी दी। उसने कपिल से घर भिजवाने को कहा तो उसने 10 हजार रियाल मांगे।

शिकायतों पर नहीं हुई कार्रवाई

परेशान होकर रुखसान ने सऊदी अरब के श्रम विभाग में शिकायत की तो कपिल ने वहां चार-पांच दिन में घर भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन भेजा नहीं। दोबारा शिकायत करने पहुंचे तो कह दिया कि कचहरी में जाकर केस कर दो। कचहरी पहुंचे तो वहां भी कपिल ने चार-पांच दिन में भेजने की बात कही लेकिन नहीं भेजा।

मांगकर खा रहा खाना, पार्क में गुजार रहा रात

हर ओर से निराश होकर रुखसान ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित वीडियो वायरल करके घर वापसी की गुहार लगाई है। वीडियो में उसने कहा है कि अब उसके पास न रहने का ठिकाना है और न ही भोजन की व्यवस्था। परिचितों के कमरों पर जाकर उनसे मांगकर खाना खाता है। कई बार तो कई-कई दिन भूखे रहना पड़ता है और पार्क में सोना पड़ता है। रुखसान के पिता जाहिद अली का कहना है कि सरकार उनकी मदद करे और उनके बेटे को सऊदी अरब से वापस बुलवा दे।
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