नौ महीने से रह रहा था गुरुग्राम में
पुलिस के अनुसार, बिहार के दरभंगा का मूल निवासी चंदन कुमार दास आठवीं तक पढ़ा है। वह परिवार के साथ विभिन्न राज्यों में मजदूरी करता है। चंदन ने बताया कि वह नौ महीने से गुरुग्राम में रह रहा था। एक कंपनी में डिलीवरी का काम करते समय उसकी मुलाकात राज नाम के युवक से हुई। राज के कहने पर उसने एक व्यक्ति का खाता खुलवाकर दिया, जिसमें राज का नंबर लिंक कराया गया।
इसके बदले राज ने उसे पांच हजार रुपये दिए। इसके बाद चंदन ने अलग-अलग राज्यों में काम करने वाले चौदह लोगों के खाते खुलवाकर राज को उपलब्ध कराए। चंदन ने अपना खाता भी खुलवाकर दिया था। कुछ दिन बाद साइबर ठगी की शिकायतें मिलने पर सभी खाते फ्रीज हो गए। इसके बाद से चंदन छिपकर रहने लगा था।
जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई
चंदन ने बताया कि पवन कुमार दास के दो बैंक खाते, प्रदीप, राजू, आदित्य धनोलिया, दीपक, मनीष दास और कृष्णदास के एक-एक बैंक खाते अलग-अलग बैंकों में खुलवाए गए थे। सेवानिवृत्त सैनिक रामप्रताप को झांसे में लेकर पवनदास, मनीषदास, कृष्णदास और चंदन दास आदि के खातों में रकम डलवाई गई थी। ये खाते गुरुग्राम और पटियाला की बैंकों में खोले गए थे।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि सेवानिवृत्त सैनिक से ऑनलाइन ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। बिहार निवासी आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। पुलिस ने बैंकों से समन्वय कर 3.54 लाख रुपये वापस करा दिए हैं, जबकि बाकी रकम की रिकवरी के प्रयास जारी हैं।