पीलीभीत में आतिशबाजी के दौरान निरंजनकुंज कॉलोनी में दो परिवारों के बीच हुई कहासुनी के बाद जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। मारपीट और पथराव की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने जब एक युवक को धर दबोचा।
इस पर उसकी बहन ने दबाव बनाने के लिए पास के तालाब में छलांग लगा दी। गनीमत ये रही कि पीछे से दरोगा भी कूद गए और युवती को सकुशल बाहर निकाल लिया। जिसके बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई और पकड़े गए युवक को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
मामले में तहरीर न मिलने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई है। घटना क्षेत्र में खासा चर्चा का विषय बनी रही। घटना कोतवाली क्षेत्र में टनकपुर हाईवे से सटी निरंजनकुंज कॉलोनी की है। बृहस्पतिवार रात आतिशबाजी करने के दौरान कॉलोनी के दो परिवार आमने-सामने आ गए।
दोनों के बीच गाली गलौज से विवाद की शुरूआत हुई और कुछ ही देर में मामला वर्चस्व की लड़ाई में तब्दील हो गया। दोनों ओर से लोग जमा हो गए। जिसके बाद मारपीट शुरू कर दी।
इस बीच एक पक्ष ने मोहल्ला काला मंदिर से अपने साथियों को बुला लिया। जिसके बाद एकजुट होकर दूसरे के घर पथराव करना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर कोतवाल केपी सिंह पुलिस बल के साथ पहुंच गए।
पुलिस को देख बाहरी युवक बाइक पर सवार होकर भाग गए। एक पक्ष के पास पुलिस पहुंचकर जानकारी करने लगी, तो उसने अपने ही परिवार के लोगों को पीट दिया। यह देख पुलिस ने एक युवक को मौके से पकड़ लिया।
उसको पकड़कर पुलिस बाहर लेकर आई ही थी कि पकड़े गए युवक की बहन ने पुलिस से उलझना शुरू कर दिया। दबाव बनाने के लिए दौड़ती हुई गई और कॉलोनी के बाहर स्थित तालाब में छलांग लगा दी।
यह देख पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। मौके पर मौजूद खकरा चौकी प्रभारी रमेश चंद्र भी वर्दी उतार तालाब में कूद गए और युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इसके बाद हिरासत में लिए गए युवक को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया और कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत मांगी गई। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि घटना की कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई। इसलिए किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकी है।