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Bareilly News: कमरे में ब्लोअर चलाकर सो रहे युवक की मौत, चिता से शव को उठा ले गई पुलिस, कराया पोस्टमार्टम

Mon, 09 Jan 2023 05:27 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

युवक अपनी सौतेली मां के साथ रहता था। वह कमरे में ब्लोअर चलाकर सोया था। उसका शव नीला पड़ गया था, जिससे उसके मामा ने हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। जिसमें दम घुटने से मौत होना आया। 
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यश गुप्ता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के सुभाष नगर थाना क्षेत्र की तिलक कॉलोनी में कमरे में ब्लोअर चलाकर सो रहे युवक की मौत हो गई। सौतेली मां व अन्य परिजन शव को श्मशान भूमि ले गए। युवक का शव नीला देखकर मामा ने हत्या की आशंका जताई तो पुलिस चिता से शव उठा लाई। हालांकि, पोस्टमार्टम में दम घुटने से ही हत्या की पुष्टि हुई है।

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तिलक कॉलोनी स्थित सुशीला बिल्डिंग में 23 वर्षीय यश गुप्ता का शव शनिवार रात मकान की ऊपरी मंजिल के कमरे में मिला। यश की सौतेली मां नम्रता अपने परिवार के साथ मकान के निचले हिस्से में रहती हैं। उन्होंने बताया कि यश दोपहर 12 बजे कमरा बंद करके सोया था। सोते समय उसने ब्लोअर चला रखा था। कमरे की खिड़कियां भी बंद थीं। शायद इसी वजह से दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
 
रात दस बजे घरवालों ने खाना देने के लिए उसे आवाज लगाई तो दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया तो यश का शव बिस्तर पर पड़ा था। रविवार सुबह परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए सिटी श्मशान भूमि ले गए। 

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मामा ने जताया था मौत पर संदेह

सूचना पर बारादरी थाना क्षेत्र के पुराना शहर निवासी यश के मामा सनी गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने यश की मौत पर संदेह जताया। इस पर पुलिस श्मशान भूमि पहुंची और यश के शव को चिता से उठा ले गई। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद दम घुटने से ही मौत की पुष्टि हुई तो उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

इलेक्ट्रिक पार्ट्स की दुकान चलाता था यश

परिजनों ने बताया कि यश इलेक्ट्रिक पार्ट्स की दुकान चलाता था। उसके पिता कमल गुप्ता की एक साल पहले मौत हो गई थी। उसका छोटा भाई हरियाणा में रहकर पढ़ाई करता है। सौतेली मां का भी एक बेटा है।

तो दम घोंट सकती है कार्बन मोनो ऑक्साइड

वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक अस्थमा और अन्य सांस रोगों से ग्रसित लोगों को ब्लोअर, हीटर चलाकर बंद कमरे में नहीं सोना चाहिए। कमरे का आकार छोटा है और रात भर ब्लोअर चले तो कार्बन मोनो ऑक्साइड भरने लगती है। नींद में दम घुटने का एहसास नहीं होता। ज्यादा देरी पर मौत हो सकती है। इसके अलावा कपड़े के नजदीक होने से आग का खतरा, त्वचा के नजदीक आने पर रूखापन और चर्म रोग की आशंका रहती है।
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