स्मार्ट सिटी के लिए अभी शहर की कई बाधाआें को पार करना होगा। कंसल्टेंट एजेंसी ने आठ समस्याओं को गिनाया है। मंत्रालय के अनुरूप अगर प्रस्ताव बनाना है तो इन समस्याआें का हल ढूढंना होगा। इसके बिना स्मार्ट सिटी का सपना अधूरा है। मंगलवार को नगर निगम में सरकारी विभागों के साथ बैठक में उनकी भागीदारी तय की गई। सुनिश्चित किया गया है कि प्रस्ताव तैयार करने से पहले शहर में कुछ सुधार हो जाए ताकि मंत्रालय को बरेली का प्रोजेक्ट पसंद आए और कम से कम दूसरे चरण में यह सेलेक्ट हो। गंभीरता की कमी इस मीटिंग को लेकर भी दिखी। कई विभाग नदारद रहे।
मंगलवार बैठक की अध्यक्षता नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने की। कंसल्टेंट एजेंसी दराशा के चीफ टाउन प्लानर मुजीबुर रहमान ने नगर आयुक्त व विभाग के अधिकारियाें को बताया कि स्मार्ट सिटी से पहले शहर में कई दिक्कतें आ रही हैं, जिनको दूर करना जरूरी है। जो डॉक्यूमेंट तैयार किए गए हैं वह भी कमजोर है। प्रापर प्लानिंग न होने से प्रस्ताव कमजोर साबित होगा और फिर फेल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने पिछले पांच साल में किए गए कार्यों की रिपोर्ट बनाए ताकि यह संदेश जा सके कि शहर में कुछ कार्य हुआ है। वहीं आने वाले पांच साल में विभाग आगे क्या विकास कार्य करेगा इस पर भी फोकस हो। अगर पीपीपी के तहत कुछ कार्य किया हो तो वह भी बताएं।
- ये हैं आठ बाधाएं
1 शहरी गरीब,
2 आर्थिक विकास
3 बेरोजगार पीढ़ी
4 महिला व बच्चाें की सुरक्षा
5 शहरी गरीबाें के लिए सुविधाएं
6 सुशासन
7 फुटपाथ दुकानदाराें की समस्या
8 इंवेस्टमेंट कम होना
- मंत्रालय को पसंद आते हैं ऐसे प्रोजेक्ट
एजेंसी के मुजीबुर रहमान ने राय दी कि मंत्रालय को पर्यावरण से संबंधित प्रोजेक्ट पसंद आते हैं। शहर में बायोडायवरसिटी पार्क का निर्माण, साइकिल ट्रैक, सीएनजी व पीएनजी के अधिक उपयोग पर जोर हो।
- विभाग देंगे रिपोर्ट
स्वास्थ्य- कितने अस्पताल खुले, कितने खुलेंगे, टीकाकरण, मां- शिशु मृत्यु दर, पोलियो, अस्पताल में सुविधाएं
रोडवेज- स्मार्ट कार्ड, बस अड्डे पर सुविधाएं, आनलाइन बुकिंग
प्रदूषण- जल, वायु व ध्वनि प्रदूषण की स्थिति, बायो डायवरसिटी पार्क, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पौधा रोपण
बीडीए- अप्रूव्ड बिल्डर की सूची, क्या- क्या निर्माण हुआ, आगे क्या प्लान
जल निगम- जो किया उसका असर, पानी बर्बादी कम करने का प्लान
पीडब्लयूडी- ग्रामीण क्षेत्र में जो किया उसका शहर में कितना असर दिखा
पुलिस- क्राइम का डाटा क्षेत्रवार, सुरक्षा कैसे देंगे इसका प्ला
यातायात- क्षेत्र, रोड, चौराहे वार दुर्घटना का डाटा
- स्मार्ट सिटी विजन
आर्थिक रूप से मजबूत, सुरक्षा, इको स्मार्ट, सुगम यातायात सेवा
प्रस्ताव भेजने से पहले यह करना होगा
एक कार्ड से कहीं भी पार्किंग कर सकें
ई- किओस्क का अधिक से अधिक प्रयोग
प्राकृतिक आपदा व आपातकालीन रिस्पांस प्लान
रिड्यूज, रियूज और रिसाइकिल पर ध्यान
पांच साल में सौ फीसदी टायलेट
सीएनजी, साइकिल व पीएनजी पर जोर
शहर का वायु प्रदूषण दिखाने वाला चौराहे पर डिसप्ले बोर्ड
आला हजरत की वेबसाइट लिंक भी बने
- मीटिंग में आए ये विभाग
स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रोडवेज, पीडब्ल्यूडी, बीडीए, यातायात विभाग
- ये रहे गायब
बिजली विभाग, आरटीओ, बीएसएनएल, पुलिस
‘समस्याआें से निपटने को तैयार हैं। बाधाएं पार की जाएंगी। सभी विभागाें को स्मार्ट सिटी के लिए अपना दायित्व निभाना होगा। पिछले तीन साल में क्या विकास कार्य किए इसकी रिपोर्ट एक से दो दिन में दे तो अच्छा है। आगे क्या विकास करेंगे और क्या प्लान है यह भी बताएं। इस बार का प्रस्ताव अच्छा बने ताकि स्मार्ट सिटी में शहर चुना जाए।’
शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त