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येलो अलर्ट: 48 घंटे में दो मीटर से ज्यादा बढ़ गया रामगंगा का जलस्तर

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रामगंगा पुल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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दो दिन पहले था 158 मीटर, अब 160.13 मीटर पर पहुंचा, बाढ़ चौकियां और गोताखोर हुए सक्रिय
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मीरगंज, आवंला, सदर और फरीदपुर के तटवर्ती में बाढ़ की आशंका, नदी के पास जाने से बचने की अपील

बरेली। कई दिन से लगातार हो रही बारिश से नदियां रौद्ररूप में आने लगी हैं। महज 48 घंटे में ही रामगंगा का जलस्तर 158 से बढ़कर 160.13 मीटर पर पहुंच गया है। जलस्तर में दो मीटर से ज्यादा की वृद्धि होने पर येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोगों को नदी के करीब न जाने की सलाह दी गई है। साथ ही बाढ़ चौकियों और गोताखोरों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। रामगंगा नदी का जलस्तर 163 मीटर पहुंचने पर कई इलाकों के बाढ़ में घिरने की आशंका है।
बाढ़ खंड विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 48 घंटे में रामगंगा के जलस्तर में दो मीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि अभी रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे है, लेकिन जिस तेजी से जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उसे देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है। बाढ़ खंड विभाग के अफसरों का मानना है कि अगले कुछ दिनों इसी तरह बारिश हुई तो रामगंगा खतरे के निशान को पार कर जाएगी। बाढ़ खंड विभाग ने बाढ़ राहत और बचाव के इंतजाम कर लिए हैं। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक रामगंगा का जलस्तर 160.13 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि बु़धवार को यह 158.18 मीटर और मंगलवार को 158 मीटर था।
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बाढ़ खंड के एक्सईएन राजीव कुमार के मुताबिक, महीने भर पहले जब सिंचाई के लिए पानी की जरूरत थी, तब कालागढ़ डैम से रामगंगा में पानी छोड़ा गया था। उस वक्त बारिश न होने से खतरे की आशंका नहीं थी। फिलहाल डैम से पानी नहीं छोड़ा गया है। जो जलस्तर बढ़ा है, वह बारिश से ही बढ़ा है। ऐसे में अगर डैम से पानी छोड़ा गया तो जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच सकता है। इसे देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।

रामगंगा के पास रहने वाले बरतें एहतियात

बाढ़ खंड अफसरों का कहना है कि रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से मीरगंज और आंवला तहसील के इलाके सर्वाधिक प्रभावित हो सकते हैं। शहर में रामगंगा पर डैम होने से सदर और फरीदपुर तहसील में बाढ़ के खतरे की कम आशंका है। बावजूद इसके मौसम का हाल देखते हुए जिन इलाकों से भी नदी गुजरती है, वहां येलो अलर्ट जारी कर दिया है। ताकि किसी तरह के जोखिम की आशंका कम हो सके और जनजीवन प्रभावित न हो।

दस साल बाद फिर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

एक्सईएन ने बताया कि कालागढ़ डैम से पानी छोड़ने और भारी बारिश से करीब दस साल पहले बरेली जिले में रामगंगा की बाढ़ ने कहर बरपाया था। इस बार फिर जिस तेजी से रामगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। इसे लेकर अफसर अलर्ट हैं। रामगंगा जिन इलाकों से गुजरती है, उनमें 42 स्थानों पर बाढ़ चौकियां बन चुकी हैं। जिला पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों को भी सतर्क कर दिया गया है। हालात असामान्य हुए तो पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।

दो दिन हुई तेज बारिश से रामगंगा का जलस्तर दो मीटर बढ़ गया है। हालांकि अभी खतरे के निशान से नीचे है। सभी 42 बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। गोताखोरों के नाम और मोबाइल नंबर अपडेट कर लिए गए हैं। जरूरत पर उन्हें भी बुलाया जाएगा। - राजीव कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड विभाग

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