दोपहर करीब दो बजे महापौर उमेश गौतम और अपर नगर आयुक्त सुनील ने यूनियन के पदाधिकारियों से बात की। आश्वस्त करते हुए कहा कि शुक्रवार को इस मामले में सम्मान के साथ समझौता कराया जाएगा। इस आश्वासन पर कर्मचारियों ने धरने को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया।
धरना प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश स्थानीय निकास कर्मचारी महासंघ अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकुमार रावत, जलकल कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम प्रताप सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ लखनऊ के उपाध्यक्ष विजय यादव, मंत्री मोहम्मद हनीफ, ट्रेड यूनियन फेडरेशन के उपमहामंत्री ललित कुमार समेत इंकलाबी मजदूर केंद्र के पदाधिकारियों का समर्थन मिला।
अधिकारी नहीं सुनेंगे तो नगर निगम में कर देंगे तालाबंदी: विजय
लखनऊ से आए उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी मामले को तूल ना दें। जब तक पर्यावरण अधिकारी सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांग लेते या फिर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तब तक धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। इसके बाद भी अगर अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंगी तो तालाबंदी करेंगे, हम चाहे तो नगर निगम का ताला नहीं खुले। महापौर से लेकर नगर आयुक्त तक अपने चैंबर में बैठ ना सकें। संगठन अध्यक्ष मिशन पाल सिंह ने भी कहा कि राजीव राठी को भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी।
कार्य हुआ प्रभावित... मुख्य अभियंता के चैंबर में लटका ताला
विरोध प्रदर्शन के दौरान निर्माण विभाग का कोई भी अधिकारी अपने चैंबर में नहीं पहुंचा। पर्यावरण अभियंता, सहायक अभियंता, लिपिक के कार्यालय बंद रहे। मुख्य अभियंता के चैंबर में तो जंजीर डालकर ताला लगाया गया था। इसके अलावा निर्माण विभाग के अन्य केबिनों में एक भी कर्मचारी ने काम नहीं किसा। धरने की वजह से पूरे दिन काम प्रभावित रहा।
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि धरना प्रदर्शन कर रहे पदाधिकारियों से बातचीत की गई है। उनको आश्वासन दिया है, जिसके बाद धरना स्थगित किया गया है। दोनों पक्षों को बैठाकर मामले का हल निकाला जाएगा, कर्मचारी हो या अधिकारी किसी के भी सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।