बरेली। आईवीआरआई पुल से नैनीताल रोड तक पौधरोपण के साथ ही उन्हें बचाने के लिए फेंसिंग के काम का टेंडर लेने के बाद भी काम शुरू न कराने पर शाहजहांपुर के थाना तिलहर के गांव सियोरा निवासी वरुण यादव की फर्म मैसर्स ब्रिज कंट्रक्शन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। फर्म के स्वामी ने समय से निविदा की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए संबंधित कागजात ही जमा नहीं किए। ऐसे में वित्तीय वर्ष के आखिर तक काम शुरू नहीं हो सका।
शहर में आईवीआरआई पुल से नैनीताल रोड तक नेशनल क्लीन एअर प्रोग्राम (एनसीएपी) के तहत पौधरोपण व फेंसिंग होनी है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने ऑनलाइन निविदाएं मांगी थीं। यह निविदा वरुण यादव की फर्म मैसर्स ब्रिज कंट्रक्शन के नाम आवंटित की गई।
निविदा के बाद अनुबंध के लिए संबंधित फर्म स्वामी की ओर से न तो कागजात जामा किए गए और न ही अन्य औपचारिकताएं पूरी की गईं। नोटिस भेजने के बाद भी फर्म स्वामी ने संज्ञान नहीं लिया, इस कारण काम समय से शुरू नहीं हो सका।
वित्तीय वर्ष खत्म होने में भी महज एक माह बाकी है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता भगत सिंह के आदेश पर सहायक अभियंता राकेश कुमार ने इज्जतनगर थाने में सरकारी काम में बाधा डालने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद फर्म स्वामी औपचारिकताएं पूरी कर काम शुरू कराने का अनुरोध कर रहा है।
डीएम ने फटकार लगाई तब की गई कार्रवाई
डीएम रविंद्र कुमार ने बृहस्पतिवार को एनसीएपी के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की तो पता लगा कि आईवीआरआई पुल से नैनीताल रोड तक पौधरोपण व फेंसिंग का काम शुरू नहीं हुआ है। इस पर डीएम ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। संवाद
अपर नगर आयुक्त से जवाब-तलब, वेतन रोका
बरेली। नेशनल क्लीन एअर प्रोग्राम (एनसीएपी) के कार्यों में देरी को लेकर अपर नगर आयुक्त सुनील कुमार यादव भी कार्रवाई के घेरे में आ गए। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने अपर नगर आयुक्त का स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
एनसीएपी के तहत जुलाई 2024 में कार्य स्वीकृत हुए थे। सात माह बीतने के बाद भी ये कार्य शुरू नहीं हो सके। बृहस्पतिवार को हुई समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त बजट के सापेक्ष व्यय के बारे में समुचित जानकारी नहीं दे सके थे। डीएम ने बैठक के बाद लिखा कि काम शुरू होने में देरी से स्पष्ट हो रहा है कि अपर नगर आयुक्त कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसलिए अग्रिम आदेश तक वेतन रोका जाए। आदेश की प्रति नगर आयुक्त और वरिष्ठ कोषाधिकारी को भी भेजी गई है। संवाद