विमल ने बताया कि बहन की मनमर्जी से शादी के बाद भी वह लोग चुप थे। आरोप लगाया कि चरन सिंह व उसका बेटा शराब पीकर मोहल्ले में गालियां देते थे। वह जाति को आधार बनाकर हमारी बेइज्जती करते थे तो वह मन ही मन रंजिश मानने लगा।
बाजार में अकेले देखा तो बनाई हत्या की योजना
विमल ने पुलिस को बताया कि एक अगस्त को उसने चरन सिंह को क्योलड़िया की बाजार में अकेले घूमते देखा। इसे देखकर उसने हत्या की योजना बना ली। वह बाइक से घर पहुंचा और कार निकाली। कुछ साथियों के साथ वह गांव बिजासिन के खड़ंजे पर कार रोककर चरन सिंह का इंतजार करने लगा।
शाम को चरन सिंह बाइक पर गांव की ओर आता दिखा तो विमल ने कार से बाइक में पीछे से जोरदार टक्कर मारी। चरन सिंह बाइक सहित नीचे गिर पड़ा। तब विमल ने कार को आगे-पीछे कर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। फिर वहां से भाग निकला। आरोपी को पुलिस ने न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।