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बरेली जोन के 172 थानों में महिला हेल्प डेस्क शुरू

सार

मेरठ की महिलाओं ने संवाद के दौरान अमर उजाला के अपराजिता अभियान की तारीफ की

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मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग में हिस्सा लेते पुलिस प्रशासनिक अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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तकनीकी दिक्कत के कारण सीएम नहीं कर पाए बरेली के कार्यक्रम में जुटे लोगों से संवाद

बरेली। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश के 1535 थानों में महिला हेल्प डेस्क का लाइव शुभारंभ किया। इनमें बरेली जोन के 172 थाने शामिल हैं। हर रेंज के एक थाने पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सीएम को संवाद करना था। इसी के मद्देनजर कोतवाली में इसकी व्यवस्था की गई थी, मगर बरेली इससे अछूता रह गया। इसके पीछे तकनीकी दिक्कत बताई गई है।
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शहर कोतवाली में जोन स्तर पर भव्य कार्यक्रम में शुक्रवार सुबह नौ बजे एडीजी जोन अविनाश चंद्र, कमिश्नर रणवीर प्रसाद, डीआईजी राजेश पांडेय, डीएम नितीश कुमार व एसएसपी रोहित सजवाण पहुंच गए। यहां शहर के सभी थानों की महिला हेल्प डेस्क की पुलिसकर्मी, एनजीओ ‘छोटी सी आशा’ की अध्यक्ष पारुल मलिक व उत्पीड़न की शिकार कुछ ऐसी महिलाएं बुलाई गई थीं जिन्हें पुलिस की कार्रवाई से राहत मिली। पौने दस बजे सदर विधायक डॉ. अरुण सक्सेना भी आ गए।
सुबह दस बजे तय कार्यक्रम 25 मिनट बाद शुरू हो सका। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर, मेरठ झांसी आदि मंडल मुख्यालय पर मौजूद अधिकारियों व महिलाओं से संवाद किया और नारी शक्ति को हक दिलाने के लिए जन जागरण करने का आह्वान किया। मेरठ की महिलाओं ने संवाद के दौरान अमर उजाला के अपराजिता अभियान की तारीफ की तो सीएम ने खुशी जताई। हालांकि बरेली का नंबर सीएम के संवाद में नहीं आ सका। इसके पीछे वजह बताई गई है कि लखनऊ में तकनीकी कमी के कारण बरेली से कनेक्शन नहीं जुड़ पाया। कुछ और जगहों को लेकर भी यही दिक्कत सामने आई, जिस पर अपर मुख्य सचिव (गृह) ने अगली बार इन दिक्कतों को पहले से दूर करने के निर्देश भी दिए।
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एडीजी ने बताया कि नारी सम्मान, नारी सुरक्षा और नारी स्वावलंबन की दिशा में बड़ा कार्यक्रम हुआ है। नारी शक्ति का संकल्प दोहराते हुए महिला डेस्क अब जोन के सभी 172 थानों में काम करेगी। कोई भी पीड़ित महिला डेस्क पर पहुंचेगी तो उसकी बात सुनकर टोकन दिया जाएगा। उसी टोकन के हिसाब से उसकी एफआईआर, एनसीआर आदि दर्ज की जाएगी। अधिकारी भी नजर रखेंगे। समय समय पर उसे अपडेट किया जाएगा।

महिला डेस्क में तैनात महिला पुलिसकर्मियों की विशेष ट्रेनिंग कराई गई है। किसी पीड़ित महिला के पास तहरीर नहीं भी होगी तो यह काम भी डेस्क पर किया जाएगा। हेल्प डेस्क के कक्ष में शौचालय आदि की भी सुविधा उपलब्ध है। महिला को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी

सपा जिलाध्यक्ष ने कसा तंज

1090 जैसी मजबूत और सुलभ व्यवस्था महिला सुरक्षा को लेकर समाजवादी पार्टी सरकार में तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव के नेतृत्व में शुरू हुई थी। इसके उल्लेखनीय परिणाम सामने आए थे। प्रदेश में महिलाएं-छात्राएं सभी सुरक्षित महसूस कर रहे थे। मगर वर्तमान की भाजपा सरकार रोमियो स्क्वाड से लेकर अन्य योजनाओं के नाम पर सिर्फ समय काटने का काम कर रही है और महिला अपराध में यूपी पूरे देश में प्रथम स्थान पर है।- अगम मौर्य, जिलाध्यक्ष सपा
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