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महिला आयोग की सदस्य तमतमाईंः होनी थी सुनवाई, अफसरों ने फरियादी ही नहीं बुलाए

Fri, 23 Nov 2018 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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महिला उत्पीड़न मामलों की सुनवाई करने यहां पहुंची राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि जायसवाल उस वक्त सकते में आ गईं जब यह पता चला कि आयोग की तरफ से निर्देश जारी किए जाने के बाद भी महिला कल्याण विभाग और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने पीड़ित महिलाओं को बुलाया ही नहीं। 

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कारण पूछने पर अफसरों के आनाकानी वाले जवाब दिए तो रश्मि जायसवाल का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने इस लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी तो पुलिस अफसर दौड़ पड़े। आनन-फानन में महिला थाने और एसएसपी कार्यालय से घरेलू हिंसा और उत्पीड़न की दरख्वास्त लेकर पहुंची महिला फरियादियों को इकट्ठा कर सर्किट हाउस लाया गया। तब कहीं महिला आयोग सदस्य की महिला उत्पीड़न के मामले सुनने की औपचारिकता पूरी हो पाई।

महिला आयोग की सदस्य रश्मि जायसवाल बृहस्पतिवार को पीड़ित महिलाओं की मामलों की सुनवाई करने दोपहर करीब 12.20 बजे सर्किट हाउस पहुंचीं। जब सुनवाई के लिए पीड़ित महिलाओं को बुलाने को कहा तो अफसरों ने बताया कि अभी तो सिर्फ एक ही महिला आई है। यह सुनकर रश्मि जायसवाल भड़क गईं। बोलीं, सरकार महिला उत्पीड़न रोकने पर जोर दे रही है लेकिन महिला कल्याण और पुलिस अधिकारियों की लापरवाही से जाहिर है कि उन्हें सरकार की प्राथमिकताओं से कोई लेना-देना नहीं है। यह बेहद गंभीर है। 
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आयोग की सदस्य को गुस्से में देख अफसरों ने उन्हें शांत करने की कोशिश की, लेकिन रश्मि जायसवाल ने जब महिला अफसरों से यह पूछा कि उन्हें इस सुनवाई की सूचना समय से मिल गई थी तो उन्होंने इसे प्रसारित क्यों नहीं किया तो वे जवाब देने के बजाय बगले झांकने लगीं। 

फजीहत होने के बाद महिला अफसरों ने कांस्टेबल भेजकर एसएसपी और महिला थाने पहुंची महिलाओं को आनन-फानन में इकट्ठा कराया और पुलिस जीप में बैठाकर उन्हें सर्किट हाउस बुलवा लिया। इसके बाद सर्किट हाउस में सुनवाई की रस्म अदायगी हुई, हालांकि रश्मि जायसवाल इसके बावजूद संतुष्ट नहीं दिखाई दीं।

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