मदरसा के नाम पर सिर्फ दीवारें खड़ी मिलींं
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भमुईया, गौरामई और रमजानपुर में भी जमीन खरीदी गई। दो जगह पर कुछ भवन भी बनवाए हैं, लेकिन वहां कभी पढ़ाई नहीं हुई। इन तमाम चीजों को देखते हुए संचालक का नाम सरकार की लिस्ट में शामिल हो चुका था। बृहस्पतिवार को ईडी ने उसके घर और प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। इस दौरान उसका फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। अब उसके खिलाफ लखनऊ स्तर से कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जिले में संचालित हैं 90 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे
पिछले साल प्रदेश स्तर से जिले में संचालित मदरसों की जांच कराई गई थी। इस दौरान 90 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे मिले थे। हालांकि 214 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं। इनमें सबसे ज्यादा ककराला में 30, सहसवान में 26, बिसौली में 18, बिल्सी में पांच, सदर तहसील में 19 और दातागंज इलाके में 22 मदरसे हैं।
तीन साल पहले दर्ज हुई छात्रवृति घोटाले की एफआईआर
तीन साल पहले सिविल लाइंस थाने में छात्रवृति घोटाले के संबंध में एफआईआर दर्ज हुई थी। उसमें तमाम फर्जी मदरसा संचालकों और बैंक प्रबंधकों के नाम शामिल थे। चूंकि यह मामला काफी बड़ा था। इससे लखनऊ स्तर से इसकी जांच चल रही है।