कुछ नेता भी दोनों पक्षों से पैरवी में आ गए तो पुलिस ने पूरे हंगामे की वीडियोग्राफी करा ली। शाम को पहुंचे सीओ प्रथम ने अंजलि के घरवालों को समझाने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम करा लीजिए, हम अंत्येष्टि नहीं करेंगे। तब सीओ ने कहा कि हम अपनी बहन मानकर अंतिम संस्कार कर देंगे। पुलिस नहीं मानी तो परिजन पीछे हट गए, पुलिस शव सील कर पोस्टमॉर्टम हाउस ले गई।
भाई ने बताया कि रविवार को अंजलि ने तीर्थ यात्रा पर जाने की बात फोन पर बताई थी। इधर, अंजलि के पति विनेश का कहना था कि शादी के बाद से ही वह गुमसुम रहती थी। घटना के वक्त वह बहेड़ी क्षेत्र के अपने स्कूल में था। उसे नहीं पता कि अंजलि ने ऐसा क्यों किया।