बरेली। चौपुला स्थित एक होटल में जांच करने पहुंचीं महिला आयोग की सदस्य डॉ. पुष्पा पांडेय को घेरने की कोशिश की जा रही है। होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एसएसपी व सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर उन पर 50 हजार रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, डॉ. पुष्पा पांडेय ने आरोपों से इन्कार कर होटल प्रबंधन पर ही सवाल उठाए हैं।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि एसोसिएशन के सदस्य जितेंद्र भल्ला के होटल प्लाजा में शुक्रवार दोपहर दो बजे एक महिला पहुंचीं। खुद को महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय बताकर होटल पंजीकरण, फायर एनओसी, प्रदूषण आदि की जानकारी मांगी। जानकारी देने से इन्कार पर अभद्रता करने लगीं। हमराह सरकारी गनर और ड्राइवर महिला के साथ थे। आरोप लगाया कि महिला के ड्राइवर ने होटल सील होने से बचाने के लिए 50 हजार रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा। महिला ने समर्थन करते हुए कहा कि रुपये दे दो, सील नहीं लगने देंगे।
संचालक की कॉल पर एसोसिएशन के पदाधिकारी पहुंचे। आरोप है कि इससे पहले होटल संचालक से अभद्रता कर महिला कार से चली गई थीं। एसएसपी व सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे ज्ञापन में संबंधित महिला और उनके साथ आए लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग की गई है। ब्यूरो
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अफसरों की मौजूदगी में आयोग के सदस्य कर सकते हैं जांच
प्रशासन के एक अफसर के मुताबिक, प्रोटोकॉल के तहत आयोग के सदस्य कहीं भी निरीक्षण कर सकते हैं, लेकिन सूचना पुलिस, प्रशासन को देनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान मजिस्ट्रेट और पुलिस अफसर उनके साथ होने चाहिए। ऐसा इसलिए भी है ताकि वहां व्यवस्था संबंधी कोई निर्देश दिया जाए तो संबंधित अधिकारी अनुपालन करा सकें।
डॉ. पुष्पा पांडेय ने आरोपों से किया इन्कार
- महिला आयोग की सदस्य डॉ. पुष्पा पांडेय ने आरोपों को निराधार बताया। कहा कि जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा। एक युवती की शिकायत पर वे होटल में निरीक्षण करने के लिए पहुंचीं थीं। वहां बेहद गंदगी थी। शराब की खाली बोतलें पड़ीं थीं। विजिटर रजिस्टर भरने में अनियमितता बरती जा रही थी। जांच रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए सोमवार को शासन को भेजेंगी।