बरेली। प्रवेश के लिए दो जाति प्रमाणपत्र बनवाने के छात्र पर लगे आरोप के मामले में जांच पूरी हो गई है। प्रो. वंदना शर्मा ने प्राचार्य को रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें छात्र की बहन की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया गया है। छात्र ने दो जाति प्रमाणपत्र बनाए थे, इसकी पुष्टि हुई है।
इस मामले में प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने जांच के लिए कमेटी की समन्वयक प्रो. वंदना शर्मा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। जांच के बाद, प्रो. शर्मा ने अपनी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप दी है, जिसमें उन्होंने आरोपों को गलत बताया है। प्राचार्या ने भी जिलाधिकारी को इसकी जानकारी दे दी है।प्रो. वंदना शर्मा ने बताया कि छात्र ने पहले पिछड़े वर्ग का सर्टिफिकेट लगाया था, लेकिन प्रवेश नहीं मिलने पर उसने अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट लगा दिया। कमेटी के सदस्यों ने जब इस पर सवाल उठाया, तो छात्र और उसकी बहन ने प्रवेश कमेटी के सदस्य पर रिश्वत मांगने और दुर्व्यवहार के आरोप लगा दिए। जब इस बारे में बात करने के लिए छात्र को शनिवार को कॉलेज बुलाया गया, तो वह आया ही नहीं। प्राचार्य ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रवेश की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है, इसलिए किसी भी तरह के गलत काम की कोई गुंजाइश नहीं है। संवाद