बरेली। बिजली निगम के विद्युत वितरण खंड प्रथम (ग्रामीण) के कैश काउंटर से दो दिन पहले चोरी हुए सीपीयू के तार फर्जीवाड़े से जुड़ रहे हैं। कैश काउंटर पर बिल जमा करने के बाद भी बकाया होने के कुछ मामलों का ब्योरा हार्डडिस्क में छुपे होने का अंदेशा है।
चर्चा है कि कुछ कर्मचारियों ने ही सीपीयू गायब कराया है। मामले की जांच के लिए अधिशासी अभियंता ने दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति तीन दिन में जांच रिपोर्ट अधिशासी अभियंता को सौंपेगी। वहीं, कोतवाली पुलिस भी जेई की तहरीर के आधार पर जांच कर रही है।
सर्किट हाउस के सामने स्थित बिजली निगम के मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में ही ग्रामीण क्षेत्र का विद्युत वितरण खंड प्रथम समेत कई कार्यालय हैं। एक कैश काउंटर उप खंड अधिकारी फतेहगंज पश्चिमी के कार्यालय में है। यहां से चार नवंबर को सुबह के समय सीपीयू चोरी होने की बात कही जा रही है।
घटना संदेह के दायरे में है। यहां कोई ताला नहीं टूटा, किसी ने घटना की पुष्टि नहीं की है। जहां चोरी हुई वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं है। अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखने पर भी चोरी की पुष्टि नहीं हो रही। ऐसे में शक कर्मचारियों पर ही है। विभागीय जांच में यह स्पष्ट होना है कि फर्जी रसीद देकर उपभोक्ताओं को चूना तो नहीं लगाया गया।
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि मीरगंज के एसडीओ निखिल जायसवाल और लेखाकार सुधीर कुमार शुक्ला को जांच सौंपी गई है। जांच के दौरान टीम को अगर पीड़ित मिल जाते हैं तो फर्जी रसीद देकर गोलमाल किए जाने के मामले खुल सकते हैं। अमर उजाला ब्यूरो
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अधिशासी अभियंता से रिपोर्ट तलब की है। कहीं न कहीं गड़बड़ी तो हुई है लेकिन अभी तक कोई पीड़ित अधिकारियों तक नहीं पहुंचा है। - ज्ञानेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता
बिल जमा करने के बाद भी बकाया प्रदर्शित हो रहा है तो ब्योरे के साथ प्रार्थना पत्र दें, कार्रवाई की जाएगी। 9415901649 पर कॉल करके भी जानकारी दे सकते हैं। - मनोज कुमार अधिशासी अभियंता